एविएशन वॉचडॉग डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) ने डीडीए को वसंत कुंज के चार अपार्टमेंट की ऊंचाई कम करने का आदेश दिया है। डीजीसीए ने डी-6 स्थित गंगा, यमुना, नर्मदा और सरस्वती अपार्टमेंट में 15 बिल्डिंगों की ऊंचाई को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने वाले हवाई जहाजों के लिए खतरा बताया है। इन आदेशों के बाद इन अपार्टमेंट्स में रहने वाले लोग परेशान हो गए हैं।
दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डीआईएएल) के सर्वेक्षण के बाद डीजीसीए ने 26 अगस्त को डीडीए को नोटिस जारी किया। डीआईएएल ने वर्ष 2016 में किए गए सर्वेक्षण के आधार पर हवाई अड्डे के आसपास के भवनों की निर्धारित ऊंचाई प्रस्तुत की थी। उसने गंगा, यमुना, नर्मदा और सरस्वती अपार्टमेंट की बिल्डिंगों की ऊंचाई अधिक बताई। आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों ने तर्क दिया कि लोगों ने मेहनत की कमाई से घर खरीदा है।
इस कारण वे डीडीए के समक्ष अपील करेंगे और उनकी बात नहीं मानी गई तो वे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। इन टावरों में रहने वालों में सेवानिवृत्त और सेवारत उच्च अधिकारी, पायलट, साहित्यकार और अन्य बुद्धिजीवी रहते हैं। उनका कहना है कि डीडीए को अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) मिलने के बाद इन टावरों का निर्माण किया गया था और अब उसी सरकार के अन्य प्राधिकरण ने कहा कि इमारत की ऊंचाई कम करने की जरूरत है। यहां रहने वाले लोगों का क्या दोष है?
डीजीसीए के आदेश के बाद से चारों अपार्टमेंट के निवासी चिंतित हैं और इस आदेश का विरोध कर रहे हैं। वह डीजीसीए और डीडीए से राहत देने की मांग करने की तैयारी कर रहे हैं। उधर, स्थानीय आरडब्ल्यूए ने नोटिस जारी करने के मामले में असंतोष है। आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों का कहना है कि स्थानीय निवासियों से परामर्श किए बिना अपार्टमेंट के संबंध में नोटिस नहीं दिया जाना चाहिए था।