देशभर के 10 हजार से अधिक लोगों से 25 करोड़ की ऑनलाइन ठगी करने के आरोप में पुलिस ने पांच हाईटेक ठगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान गैंग सरगना विजय आरोड़ा (37), मनमीत सिंह (29), राजकुमार (30) प्रदीप कुमार (32) और अवतार सिंह (32) के रूप में हुई है।
आरोपी पिछले तीन सालों के दौरान 60 से अधिक फर्जी वेबसाइट बनाकर ठगी की वारदात को अंजाम दे रहे थे। गैंग बेहद कम दामों में इलेक्ट्रॉनिक गैजेट और ब्रांडेड कपड़े देने का झांसा देता था। अपने खातों में कैश ट्रांसफर करवाने के बाद आरोपी सामान नहीं भेजते थे।
बहुत दबाव बनाने पर बेहद घटिया क्वालिटी का सामान भेज दिया जाता था। ज्यादा से ज्यादा लोग इनके झांसे में आएं इसके लिए गैंग का बेहद हाईटेक सदस्य सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (एसईओ) के जरिये फर्जी वेबसाइट को सर्च लिस्ट में सबसे ऊपर रखता था। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले की जांच कर रही है।
साइबर क्राइम यूनिट के पुलिस उपायुक्त अनेश रॉय ने बताया कि पिछले दिनों इनके पास कई लोगों ने ऑन लाइन ठगी की शिकायत दी थी। पीड़ितों ने बताया कि इन लोगों ने एक वेबसाइट पर टैब बुक किया गया था। टैबलेट के लिए 3699 या कुछ मामलों में 3999 रुपये लिये गए। ऑनलाइन पेमेंट करने के बाद भी पीड़ितों को उनका सामान नहीं मिला।
ऐसी दर्जनों शिकायतें पुलिस के पास आने लगी। पुलिस ने शिकायतें मिलने के बाद जांच की तो पता चला कि वेबसाइट को ठगी करने के लिए ही बनाया गया है। मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई। जांच के लिए इंस्पेक्टर विजेंद्र यादव और एसआई अजीत व अन्यों की टीम ने जांच शुरू की।
सामान बुक करने के दौरान जिन लोगों से पीड़ितों ने संपर्क किया था। पुलिस ने उन नंबरों के अलावा जिन खातों में रुपये ट्रांसफर हुए। उनकी जांच की। छानबीन के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी विजय अरोड़ा की पहचान कर ली। पुलिस ने उसके ऑफिस पश्चिम विहार में छापेमारी कर आरोपी को दबोच लिया। उसके दफ्तर से भारी मात्रा में सामान भी बरामद हुआ।
आरोपी विजय से पूछताछ के बाद मनमीत, राजकुमार, प्रदीप कुमार और अवतार सविंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया। इनके पास से भारी मात्रा में ठगी के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला सामान व दस्तावेज बरामद हुए। पूछताछ के दौरान आरोपी विजय अरोड़ा ने बताया कि वह इस पूरी ठगी का मास्टर माइंड है।