रक्षाबंधन पर किसान आंदोलन ने यात्रियों को परेशान किया। पंजाब में आंदोलन की वजह से कई दिशाओं में चलने वाली ट्रेनें प्रभावित हुईं। दिल्ली के स्टेशनों से यात्री मायूष होकर लौटते रहे, क्योंकि किसान आंदोलन की वजह से नई दिल्ली-अमृतसर, पुरानी दिल्ली-होशियारपुर, श्रीमाता वैष्णव देवी कटरा-ऋषिकेश समेत कई ट्रेनें निरस्त रही।
इसके अलावा रक्षाबंधन पर अमृतसर-नांदेड एक्सप्रेस, अमृतसर-छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस एक्सप्रेस, झेलम, मालवा समेत कई ट्रेनें नहीं चलीं। किसान आंदोलन की वजह से चरमराई यातायात व्यवस्था की वजह से जिन भाइयों व बहनों ने ट्रेनों से अपना रिजर्वेशन कराया था, ताकि वह राखी के त्योहार पर अपनी बहनों के घर पहुंच सके, उन्हें निराशा हाथ लगी। किसान आंदोलन की वजह से दिल्ली आने वाली कई ट्रेनें रविवार को निरस्त रही लिहाजा सोमवार को भी यह ट्रेन वापसी दिशा के लिए निरस्त कर दी गई है।
सोमवार को मुख्य रूप से नई दिल्ली-श्रीवैष्णव देवी कटरा, नई दिल्ली-अमृतसर, हावड़ा-अमृतसर, ऋषिकेश-दिल्ली, कटरा-दिल्ली, दिल्ली-पठानकोट, अंबाला-लुधियाना, चंडीगढ़-अमृतसर समेत कई ट्रेनें निरस्त कर दी गई हैं। इसके अलावा दो दर्जन से अधिक ट्रेन अपनी पूरी दूरी नहीं तय कर सकी और उन्हें रास्ते में ही टर्मिनेट कर दिया गया तो एक दर्जन ट्रेनें परिवर्तित रूट से चला कर यात्रियों की राह आसान की गई। लेकिन ज्यादातर ट्रेन निरस्त होने की वजह से और ट्रेनों के परिचालन की बिगड़ी हुई समय-सारणी ने यात्रियों को निराश किया।
. यात्रा पूरी नहीं करने वाली कुल ट्रेन-23
. परिवर्तित रूट से चलने वाली कुल ट्रेन-12
. सोमवार को निरस्त रहने वाली कुल ट्रेन-43
. प्रभावित ट्रेनों की संख्या-150 से अधिक