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दिल्ली: इंजीनियर चला रहा था फर्जी कॉल सेंटर, पांच हजार लोगों से ठगी, ऐसे बनाते थे बेरोजगारों को शिकार

Thu, 24 Jun 2021 08:22 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल आठ कंप्यूटर, चार लैपटॉप, 25 मोबाइल, 11 एटीएम कार्ड, दो वाईफाई राउटर व अन्य सामान बरामद किया है। गैंग सरगना सतीश कुमार हैदराबाद के एक नामी संस्थान से बीटेक-आईटी किया हुआ है। 
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फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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युवाओं को नौकरी दिलवाने का झांसा देकर ठगी करने वाले एक गैंग का उत्तर-पश्चिम जिला पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर पर्दाफाश किया है। गैंग सरगना बीटेक इंजीनियर है, वह अपने दो पार्टनरों के साथ मिलकर आदर्श नगर में फर्जी कॉल सेंटर चला रहा था। 
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पकड़े गए आरोपियों की पहचान जहांगीरपुरी निवासी गैंग सरगना सतीश कुमार सिंह उर्फ राज (32), नवीन कुमार (24), अभिषेक श्रीवास्तव उर्फ सन्नी (23), अजीत कुमार (20) सुधीर (24) और रवि सिंह उर्फ विवेक (20) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल आठ कंप्यूटर, चार लैपटॉप, 25 मोबाइल, 11 एटीएम कार्ड, दो वाईफाई राउटर व अन्य सामान बरामद किया है।

गैंग सरगना सतीश कुमार हैदराबाद के एक नामी संस्थान से बीटेक-आईटी किया हुआ है। इसका पार्टनर नवीन भी बीएससी है। जांच के दौरान पुलिस को पता चला है कि आरोपियों ने पिछले दो माह के दौरान पांच हजार से ज्यादा बेरोजगारों को ठगा है। आरोपी पिछले दो साल से इसी तरह ठगी कर रहे थे।
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उत्तर-पश्चिम जिले के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त डॉ. गुर इकबाल सिंह सिद्धू ने बताया कि पिछले दिनों प्रवीन कुमार नामक युवक ने ऑनलाइन शिकायत भेजी थी। पीड़ित ने बताया कि नौकरी के लिए उसने ओएलएक्स पर विज्ञापन देखकर बिग बाजार में स्टोर सुपरवाइजर की नौकरी के लिए आवेदन किया। 

इस बीच उसके पास एक कॉल आया। कॉलर ने खुद को बिग बाजार का प्रतिनिधि बताकर कहा कि उसका बायोडाटा नौकरी के लिए चुना गया है। आरोपी ने पीड़ित से व्हाट्सएप पर उसके डॉक्यूमेंट मांग लिए। इसके बाद उसका टेलीफोन पर ही इंटरव्यू करवा दिया गया। 

इसके बाद आरोपी ने डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के नाम पर आरोपियों ने पीड़ित से 650 रुपये ले लिए। इसके बाद 3100 रुपये यूनिफॉर्म और 5000 हजार रुपये लैपटॉप की सिक्योरिटी के नाम पर मांग लिए। इसके बाद भी आरोपी 11 हजार रुपये कंपनी का इंश्योरेंस कराने के लिए मांगने लगे तो प्रवीन कुमार का शक हुआ। 

उसने इसके बाद रुपये नहीं दिए। आरोपियों से अपने रुपये मांगे तो उनके नंबर बंद आने लगे। मामले की शिकायत मिलने के बाद मुखर्जी नगर थाने में मामला दर्ज कर साइबर सेल ने भी मामले की जांच शुरू कर दी।

सीडीआर की मदद से पुलिस को पता चला कि सभी कॉल आदर्श नगर इलाके से की गई। जांच करते हुए पुलिस की टीम एलआईसी बिल्डिंग, पंचवटी, आदर्श नगर के कॉल सेंटर पर पहुंच गई। पुलिस ने कॉल सेंटर से मुख्य आरोपी सतीश समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। 
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पूछताछ के दौरान सतीश ने बताया कि वह अपने पार्टनर नवीन कुमार और अभिषेक श्रीवास्तव के साथ मिलकर कॉल सेंटर चला रहा था। खुद वह ठगी का 40 फीसदी और नवीन व अभिषेक को 30-30 फीसदी रकम देता था। बाकी तीनों आरोपियों को इन लोगों ने कमीशन पर रखा हुआ था। सभी आरोपी जहांगीरपुरी के रहने वाले हैं। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।

ऐसे दिया जाता था वारदात को अंजाम...
पुलिस की पूछताछ में आरोपी सतीश ने बताया कि उसने आदर्श नगर स्थित एलआईसी बिल्डिंग में मोटा किराया देकर एक दफ्तर लिया हुआ था। हर माह 40 हजार रुपये किराया दिया जाता था। यहां कॉल सेंटर का पूरा सेटअप लगाया गया। आरोपियों ने अपने शिकार फंसाने के लिए बेरोजगार युवक-युवतियों का डाटा ओएलएक्स से लिया हुआ था। इसके अलावा यह लोग नामी कंपनी में नौकरी दिलवाने की बात कर उसके पर्चे छपवाते थे। 

इन पर्चों को दिल्ली में बटवा दिया जाता था। डाटा के आधार पर या तो यह खुद कॉल कर बेरोजगारों को फंसाते थे या पर्चे देखकर युवक-युवतियां इनको कॉल करते थे। आरोपी अलग-अलग मदों में यूपीआई के जरिये खातों में रुयये ट्रांसफर करवाते थे। सतीश ने फर्जी कागजातों के आधार पर कई बैंक खाते खोले हुए थे। उसी में सारी रकम आती थी। बाद में इस रकम को निकालकर आपस में बांट लिया जाता था।

50 हजार से अधिक बेरोजगार युवक-युवतियों को ठगने की आशंका...
छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला है कि आरोपियों ने पिछले दो माह के दौरान करीब पांच हजार लोगों से ठगी की है। इस औसत के हिसाब से पुलिस अधिकारी आशंका जता रहे हैं कि आरोपी पिछले दो सालों के दौरान 50 हजार से अधिक लोगों से करोड़ों रुपये ठग चुके हैं। 

ठगी की रकम से मौज मस्ती की जाती है। सतीश पहाड़ों पर घूमने का शौकीन है। इसके अलावा महंग कपड़े व अपने लिए हर सुविधाओं को पूरा करता है। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर रही है। इसके अलावा और पीड़ितों की भी तलाश की जा रही है।
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