श्रीराम कालोनी की गली नंबर-9 के जिस मकान में मुठभेड़ हुई, वहां करीब 15 परिवार रह रहे हैं। बिल्डिंग में रहने वाले लोगों ने बताया कि 15 दिन पहले ही दोनों युवकों ने 1200 रुपये महीना कमरा किराए पर लिया था। दोनों मास्क और चश्मा लगाकर रखते थे। सुबह के समय दोनों बाइक से जाते और रात को लौटते थे। वह पड़ोस में रहने वाले किसी भी शख्स से कोई बातचीत नहीं करते थे। कुछ पड़ोसियों ने उनसे बातचीत का प्रयास किया। एक पड़ोसी को उन्होंने सदर बाजार तो दूसरे को आजादपुर में काम करने की बात बताई थी। इसके अलावा दोनों ने किसी को कुछ भी नहीं बताया था। एक पड़ोसी ने बताया कि देखने में दोनों ही युवक पढ़े-लिखे लगते थे।
बिल्डिंग में रहने वाले जयचंद (42) ने बताया कि वह पिछले करीब दो साल से पत्नी व चार बच्चों के साथ दूसरी मंजिल के कमरे में रहता है। वह पेशे से दर्जी है। दोनों बदमाश इसकी फ्लोर के ही एक कमरे में रहते थे। ज्यादातर इनके कमरे में ताला लगा रहता था। रात-बे-रात दोनों कमरे पर आते थे। वेजनाथ महतो ने बताया कि वह पत्नी व दो बच्चों के साथ इसी बिल्डिंग में पिछले करीब 12 साल से रहता है।
वह सदर बाजार में हलवाई का काम करता है। बुधवार रात सादे कपड़ों में कुछ लोग बिल्डिंग में पहुंचे और उन्होंने खुद को पुलिसकर्मी बताकर बिल्डिंग खाली करने के लिए कहा। पुलिस का कहना था कि उनकी जान को खतरा हो सकता है। वेजनाथ ने ऐसा ही किया और वह परिवार को लेकर गली में चला गया। इसके बाद लगातार वहां पुलिस की टीमें आती रही। बीच में रुक-रुककर गोली चलने की आवाज आती थी।
बिल्डिंग में रहने वाले रियासत ने बताया कि वह काफी समय से यहां रहता है। अक्सर लोग यहां किराए पर कमरा लेते हैं और कुछ दिन रहने के बाद चले जाते हैं। दोनों लड़कों ने भी कुछ दिनों पहले ही कमरा किराए पर लिया था। अक्सर दोनों युवकों को बैग लेकर जाते और सामान लाते हुए भी देखा जाता था। पुलिस बिल्डिंग में रहने वाले लोगों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
बदमाशों का नहीं हुआ था पुलिस सत्यापन
स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली पुलिस सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा होने के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन हकीकत में हालात कुछ इससे परे हैं। बुुधवार देर रात को जिन बदमाशों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद मार गिराया है, उन दोनों का ही पुलिस वेरीफिकेशन नहीं हुआ था। नियम के अनुसार बिल्डिंग के मालिक को किराएदार के रखने पर उनको पुलिस से सत्यापन करवाना होता है। इसके अलावा बीट स्टाफ की जिम्मेदारी होती है कि इलाके में कौन आकर रह रहा है। दोनों ही ओर से लापरवाही बरती गई। बिल्डिंग में रहने वाले ज्यादातर बाकी लोगों का कहना है कि उनका भी मकान मालिक ने पुलिस वेरीफिकेशन नहीं करवाया। हालांकि, बिल्डिंग मालिक जालंधर प्रसाद गुप्ता का कहना है कि वह बृहस्पतिवार को ही दोनों युवकों का पुलिस वेरीफिकेशन करवाने वाला था। सूत्रों का कहना है कि पुलिस मकान मालिक के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई कर सकती है।
श्रीराम कालोनी में दिनभर रही अफरातफरी
बुधवार रात 11.30 बजे से बृहस्पतिवार दोपहर तक गली नंबर-9, श्रीराम कालोनी का कोई शख्स सोया नहीं था। मुठभेड़ के बाद इलाके के लोग बुरी तरह सहमे हुए हैं। पुलिस ने भी एहतियात के तौर पर पूरे इलाके में लोकल पुलिस के अलावा अर्द्धसैनिक बल को तैनात किया हुआ है। लोगों का कहना है कि देर रात से ही इलाके में पुलिस व अधिकारियों की मूवमेंट जारी है। दोनों युवकों के कमरों में कौन-कौन आता था। दोनों इलाके में किस-किस से मिलते थे, दिनभर इसकी पड़ताल जारी रही।
घटनाक्रम के कुछ महत्वपूर्ण बिंदु
- रात 11.00 बजे बेगमपुर थाने की टीम खजूरी खास थाने पहुंची और बदमाशों की दी सूचना।
- रात 11.30 संयुक्त टीम गली नंबर-9 में पहुंची। टीम ने धीरे-धीरे पहले बिल्डिंग को खाली करवाना शुरू किया।
- कुछ ही देर बाद टीम ने बिल्डिंग को खाली करवाकर आरोपियों के कमरे को घेर लिया।
- पुलिस की भनक लगते ही आरोपियों ने शोर मचाकर चले जाने के लिए कहा।
- पुलिस की टीम दोनों से सरेंडर करने के लिए कहती रही, लेकिन बदमाश इसके लिए तैयार नहीं हुए।
- बदमाश लगातार बिल्डिंग को उड़ाने की धमकी देते रहे तो पुलिस ने पड़ोस की बिल्डिंग कराई खाली।
- रात करीब 2.30 बजे पुलिस की टीम ने दोनों बदमाशों को मार गिराया, इसके बाद जांच शुरू हुई।