आवेदन प्रक्रिया को सरल बना दिया गया है ताकि ई वी चार्जर लगाने में उलझन न हो। केवल बिजली कनेक्शन का सीए नंबर देना होगा ताकि सब्सिडी का लाभ ईवी चार्जर पर मिल सके। इसे छोटे वाहनों को भी प्रोत्साहन मिलेगा, क्योंकि दोपहिया और तिपहिया वाहनों की अधिक संख्या होने की वजह से प्रदूषण भी अधिक होता है।
महज 4.50 रुपये होगी एक यूनिट बिजली की दर
परिवहन मंत्री ने कहा कि नई पार्किंग पॉलिसी के तहत नई बिल्डिंगों में ई वाहनों के लिए 20 फीसदी जगह इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए नियत किया जाना जरूरी है। मॉल्स, हॉस्पिटल, सिनेमा हॉल, दुकान या रिहायशी क्षेत्र में भी चार्जर लगाए जा सकेंगे। इसके लिए अलग मीटर लिए जा सकते हैं। अलग मीटर पर चार्जिंग के मद में होने वाला खर्च भी बेहद कम होगा।
कॉमर्शियल की अपेक्षा 50 फीसदी से भी कम होगी। ई चार्जर पर बिजली की दर प्रति यूनिट करीब 4.50 रुपये होगी जबकि कॉमर्शियल कनेक्शन के लिए यह करीब 10 रुपये है। सब्सिडी या दूसरी सुविधाएं देने में भी ई वी सिंगल विडो की अहम भूमिका होगी। महज 2500 रुपये में ईवी चार्जर लगाने की सुविधा से रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। इससे काफी राहत मिलेगी।
दुकान में भी लगा सकते हैं ईवी चार्जर
डीडीसीए के उपाध्यक्ष जस्मीन शाह ने कहा कि अब एक किराना दुकानदार भी ईवी चार्जर लगा सकता है। पहले इसे लगाने में तीन महीने का वक्त लगता था, लेकिन अब यह सुविधा महज सात दिनों में उपलब्ध होगी। टाटा पॉवर दूसरी डिस्कॉम कंपनियों की वेबसाइट के जरिये ईवी चार्जर लगाने के लिए आवेदन किए जा सकते हैं।