फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तैयारी : दिल्ली विधानसभा को कागज रहित बनाने की कवायद तेज, विधायकों को मिले आई पैड 

Sat, 02 Apr 2022 06:22 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

इसके अलावा दूसरी बार बजट को पेपरलेस पद्धति से दिल्ली बजट एप पर प्रस्तुत किया गया। वर्ष 2021 में भी बजट को इसी पद्धति से प्रस्तुत किया गया था।
विज्ञापन
दिल्ली विधानसभा file pic... - फोटो : वीडियो ग्रैब
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिल्ली विधानसभा को कागज रहित बनाने की कवायद तेज हो गई है। विधानसभा का कार्य करने के लिए सभी विधायकों को आई पैड दिए गए हैं। इसके अलावा दूसरी बार बजट को पेपरलेस पद्धति से दिल्ली बजट एप पर प्रस्तुत किया गया। वर्ष 2021 में भी बजट को इसी पद्धति से प्रस्तुत किया गया था। यह जानकारी विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन में दी। इस मौके पर उन्होंने सातवीं दिल्ली विधानसभा के तृतीय सत्र (बजट सत्र) की कार्यवाही के बारे में भी बताया।

विज्ञापन


उन्होंने बताया कि 23 से 29 मार्च चले सत्र में 20 घंटे 46 मिनट तक कार्य हुआ। इस दौरान 23 मार्च को उपराज्यपाल अनिल बैजल का अभिभाषण भी हुआ। इसके अलावा 26 मार्च उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने 75,800 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया। वहीं, उन्होंने दिल्ली का (2021-22 का) आर्थिक सर्वेक्षण और आउटकम बजट (2021-22, 31 दिसंबर, 2021 तक) की स्टेटस रिपोर्ट भी प्रस्तुत की। 

सदन में प्रश्नकाल का संचालन तीन दिन किया गया। इस दौरान 60 तारांकित और 225 अतारांकित प्रश्नों के लिए नोटिस प्राप्त हुए, जिनमें से कार्यविधि नियमों के अनुसार चार नोटिसों को क्लब किया गया और 16 नोटिसों को अस्वीकार कर दिया गया। हालांकि, नौ प्रश्नों का उत्तर न प्राप्त होने पर सदस्यों ने रोष और निराशा व्यक्त की। इन नौ प्रश्नों के उत्तर प्राप्त न होने के मुद्दे को आवश्यक कार्यवाही के लिए विशेषाधिकार समिति को भेज दिया गया।
विज्ञापन


सदन में किए गए अन्य कार्यों में 111 नोटिस प्राप्त हुए और 53 मामलों को सदस्यों ने नियम 280 के तहत विशेष उल्लेख के रूप में उठाया गया। सदन ने दि दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रिफॉर्म्स (संशोधन) विधेयक 2022 पर भी विचार करने के बाद उसे पास किया गया। कश्मीरी पंडितों की व्यथा और कश्मीरी परिवारों का पुनर्वास करने में केंद्र सरकार की असमर्थता से संबंधित विषय पर नियम 54 के तहत ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा की गई।

संसद का स्थानीय निकायों के विषय में हस्तक्षेप संविधान के विरुद्ध
 विधानसभा अध्यक्ष ने दिल्ली नगर निगम अधिनियम संशोधित विधेयक पास करने पर सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा कि वह इस विषय पर व्यक्त किए गए राजनीतिक विचारों पर नहीं जा रहे हैं, मगर संसद का स्थानीय निकायों के विषय में इस प्रकार का हस्तक्षेप संविधान की मूल भावना और संघीय ढांचे के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि विधेयक में केंद्र सरकार को अधिक शक्तियां प्रदान करने की बात की गई है, जबकि उसके उत्तरदायित्वों का उसमें कोई उल्लेख नहीं है। इस कारण दिल्ली सरकार की ओर सेे नगर निगम को वित्त पोषण करने का सिलसिला जारी रहेगा, नगर निगम को नियंत्रित केंद्र सरकार करेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें