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फर्जीवाड़ा: फ्लैट के नाम पर 11 करोड़ की ठगी करने वाला कंपनी निदेशक गिरफ्तार, आरोपी के खिलाफ 29 मामले दर्ज

Tue, 15 Mar 2022 10:50 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

आर्थिक अपराध शाखा ने मंजू जे होम्स लिमिटेड कंपनी के निदेशक को गिरफ्तार किया है। प्रस्तावित आवासीय परियोजना में फ्लैट देने का झांसा देकर आरोपी ने करोड़ों की ठगी की थी। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
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विस्तार
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आर्थिक अपराध शाखा ने गाजियाबाद में प्रस्तावित आवासीय परियोजना में फ्लैट देने का झांसा देकर निवेशकों से करोड़ों की ठगी करने वाले मंजू जे होम्स लिमिटेड कंपनी के निदेशक को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर निवेशकों से 11 करोड़ की ठगी कर ली। आरोपी के खिलाफ अलग अलग थानों में ठगी के 29 मामले दर्ज हैं। 
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शाखा के पुलिस उपायुक्त एमआई हैदर ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान रामप्रस्थ कालोनी निवासी राजकुमार (57) के रूप में हुई है। वर्ष 2018 में प्रीतिश घोष और अन्य निवेशकों ने आर्थिक अपराध शाखा में ठगी और फर्जीवाड़ा की शिकायत की। शिकायत में बताया कि मंजू जे होम्स लिमिटेड के निदेशकों ने राजनगर एक्सटेंशनस गाजियाबाद में रेड एपल होमज नाम की अपनी प्रस्तावित आवास परियोजना में फ्लैट बुक करने के लिए प्रेरित किया। 

आरोपियों ने वर्ष 2012 में बुकिंग के दौरान आश्वासन दिया कि फ्लैटों का कब्जा तीन साल दे दिया जाएगा। प्रारंभिक भुगतान के बाद निवेशकों के आवेदन पर प्रस्तावित फ्लैटों के लिए बैंकों और वित्तीय संस्थानों से ऋण दिया गया। बिल्डर कंपनी ने फ्लैट सौंपे जाने तक किश्त का भुगतान करने का वादा किया था। 
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शिकायत करने तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ और बिल्डर कंपनी ने बैंकों को किश्त देना बंद कर दिया। जिससे निवेशकों को 11 करोड़ का नुकसान हुआ। निवेशकों ने आरोप लगाया कि आवेदनों पर ऋण स्वीकृत किया गया था, लेकिन उनकी जानकारी के बिना कई दस्तावेजों पर उनके जाली हस्ताक्षर कर राशि का वितरण किया गया।
 
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पुलिस को जांच में पता चला कि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने परियोजना के लिए अनुमति वर्ष 2015 में दी थी। उसके बाद अग्निशमन विभाग, पर्यावरण विभाग से अनुमति दी गई थी। लेकिन आरोपियों ने वर्ष 2012 से ही निवेशकों से धन एकत्र करना शुरू कर दिया था और वर्ष 2015 में निर्माण कार्य रोक दिया था।

जांच से यह भी पता चला कि राजकुमार जैन ने अन्य सह-आरोपी विजयंत जैन, प्रतीक जैन और अक्षय जैन के साथ मिलकर जनता को ठगने के लिए रेड एपल होमज नामक एक परियोजना शुरू की। आरोपी राजकुमार जैन भी बैंक खाते में अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं और कंपनी के निदेशक में से एक था।

पर्याप्त सबूत इकट्ठा करने के बाद पुलिस टीम ने 14 मार्च को आरोपी को रामप्रस्थ कालोनी से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी मेरठ विश्वविद्यालय यूपी से बी.कॉम है और 2 कंपनियों का संचालन कर रहा था। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। 
 
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