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'धरती के भगवान' ने दिया नया जीवन: 16 साल बाद सीने से निकली फंसी बुलेट, सीने में दर्द और खांसी से था परेशान

Wed, 18 Sep 2024 09:12 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

बुलेट और फेफड़े के क्षतिग्रस्त हिस्से को निकालने के लिए तत्काल सर्जरी की गई। सर्जरी के बाद उनकी स्थिति में काफी सुधार हुआ है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : File
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विस्तार
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16 साल के बाद 45 वर्षीय शख्स के सीने में फंसी बुलेट को निकाला गया। एक साल पहले ही उसको सीने में दर्द और खांसी में खून की शिकायत हुई। समस्या बढ़ने पर उसे दक्षिणी दिल्ली के निजी अस्पताल में लाया गया।

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दरअसल, कानपुर निवासी शैलेंद्र सिंह को 2008 में गोली लगी थी। उस समय से वह दिल के नजदीक फंसी बुलेट के साथ ही जी रहे थे। पिछले कुछ दिनों से इस बुलेट के कारण कुछ समस्या बढ़ गई। जिससे उनके जीवन को खतरा हो गया। सीने में दर्द और खांसी में खून आने की शिकायत के बाद साकेत स्थित अस्पताल में लाया गया। 

डॉक्टर शैवाल खंडेलवाल ने बताया कि मरीज की जांच के बाद फेफड़े का क्षतिग्रस्त हिस्सा सर्जरी कर निकाल दिया। उन्होंने कहा कि एक साल पहले तक मरीज में कोई लक्षण नहीं था। सीने में दर्द और खांसी में खून आने पर सीटी स्कैन किया। इसमें बुलेट उनके बाएं फेफड़े में फंसी दिखी। उन्हें सर्जरी का सुझाव दिया।
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उन्होंने कहा कि ब्रोंकोस्कोपी से पता चला कि बुलेट उनके एयरवे पर दबाव डाल रही है और फेफड़े के लेफ्ट अपर लोब से खून बह रहा है। बुलेट और फेफड़े के क्षतिग्रस्त हिस्से को निकालने के लिए तत्काल सर्जरी की गई। सर्जरी के बाद उनकी स्थिति में काफी सुधार हुआ है। मरीज को डिस्चार्ज कर दिया गया है।
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