डॉ. जीके रथ।
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डॉ. जी.के रथ अब आयुर्वेदिक कैंसर अस्पताल के संरक्षक बन गए हैं। वे अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में कैंसर विभाग के प्रमुख रह चुके हैं। डॉ. रथ की गिनती देश विदेश के जाने-माने कैंसर रोग विशेषज्ञों में होती है। एम्स में करीब 47 साल तक अपनी सेवा देने के बाद डॉ. रथ पिछले दिनों ही सेवानिवृत्त हुए हैं।
आयुर्वेदिक कैंसर अस्पताल से जुड़ने के बाद डॉक्टर ने कहा कि एम्स में कैंसर विभाग के अध्यक्ष के रूप में साढ़े तीन दशक तक कार्य करने के बाद वे अब अपना जीवन ऐसी ही सामाजिक संस्थाओं के साथ लगाना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि एम्स ने केंद्र सरकार के आयुष मंत्रालय के साथ कैंसर मरीजों पर आयुर्वेदिक दवाओं का परीक्षण किया। जिसके नतीजे काफी उत्साहवर्धक रहे। उन्होंने कई मामलों में आयुर्वेदिक दवाइयों से कैंसर रोगियों को पूरी तरह ठीक होते हुए भी देखा है। इन आयुर्वेदिक दवाओं में पंचगव्य, हल्दी, तुलसी, लहसुन, प्याज और कालीमिर्च जैसी वस्तुएं शामिल हैं।
वहीं, आयुर्वेदिक कैंसर अस्पताल के प्रधान अतुल सिंघल ने कहा कि संस्था के साथ डॉ. जी.के रथ का जुड़ना गौरव का विषय है। सिंघल ने बताया कि अस्पताल को प्रोफेसर साहब का मार्गदर्शन और सहयोग हमेशा से ही मिलता रहा है। लेकिन अब कैंसर मरीजों को उनके अनुभवों का लाभ बेहतर तरीके से मिल पाएगा।
गौरतलब है कि दिल्ली में घेवरा स्थित आयुर्वेदिक कैंसर अस्पताल में पंचगव्य आधारित आयुर्वेदिक पद्धति से कैंसर रोगियों का इलाज किया जाता है। प्रमुख समाजसेवी और बीजेपी नेता डॉ. नंद किशोर गर्ग, गो सेवक प्रो. सुरेश चंद सिंघल, लाला जी केदारनाथ अग्रवाल बीकानेर वाले, जस्टिस मूल चंद गर्ग, शंकर दास बंसल अस्पताल के संरक्षक मंडल में शामिल हैं।