दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र, दिल्ली सरकार, नगर निकायों और अन्य को नोटिस जारी किया है।
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याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से ट्रांसजेंडर के लिए अलग शौचालय बनाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश देने की मांग की है। इसके बाद उच्च न्यायालय ने नोटिस जारी कर ट्रांसजेंडर के लिए अलग शौचालय बनाने का निर्देश दिया है।
याचिका में कहा गया कि ट्रांसजेंडरों के लिए अलग सार्वजनिक शौचालय नहीं होने की वजह से उन्हें यौन उत्पीड़न का शिकार बनना पड़ता है। मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने नोटिस जारी कर आवास और शहरी विकास मंत्रालय, दिल्ली सरकार, नगर निगमों से उस याचिका पर जवाब मांगा है।