कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच जेलों से कैदियों की भीड़ कम करने के लिए उन्हें अंतरिम जमानत या पैरोल पर छोड़ने का आग्रह किया गया है। इस सिलसिले में सोमवार को हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई।
पेश याचिका में कहा गया है कि राजधानी व अन्य राज्यों में कोरोना के हालात बेहद खराब हैं और मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। मीडिया रिपोर्ट के हवाले से कहा गया है कि पिछले पांच दिनों में तिहाड़ में कोरोना मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है।
याची अधिवक्ता आरके गोसाईं की याचिका में कहा गया है कि 12 अप्रैल को 59 कैदी और सात जेल स्टाफ संक्रमित हुए थे। ये संख्या 17 अप्रैल को 117 कैदी तथा 14 जेल स्टाफ तक पहुंच गई। इसके पीछे कारण जेल में क्षमता से दोगुना कैदियों का बंद होना है। कोरोना से बचाव के लिए सामाजिक दूरी का पालन जरूरी है लेकिन जेल में ये संभव नहीं है।
याची की ओर से अधिवक्ता ललित वलेचा और सदफ इलियास खान ने कहा कि जेल में कैदियों के संक्रमित होने की भारी आशंका है। इससे बचाव का एक रास्ता जेलों में बंद कैदियों को अंतरिम जमानत या पैरोल पर छोड़ना है। याचिका में कैदियों को अंतरिम जमानत पर छोड़ने के संबंध में सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के पिछले आदेशों का भी हवाला दिया गया है।