यमुना नदी में ऐसे समय अमोनिया की मात्रा बढ़ी, जब उससे जुड़े दिल्ली जल बोर्ड के संयंत्रों में गच्चा पानी उपलब्ध कराने का कोई विकल्प नहीं था, क्योंकि गंग नहर वार्षिक सफाई के कारण पहले ही बंद है और उससे जुड़े दो संयंत्र यमुना नदी से जोड़ रखे हैं। इस तरह राजधानी में गंभीर पेयजल संकट होने के आसार हो गए थे।
यमुना में अमोनिया की मात्रा बढ़ जाने के कारण दिल्ली के अनेक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट अपनी क्षमता के अनुरूप काम नहीं कर पा रहे थे। इसके कारण दिल्ली के अनेक इलाकों में पानी की सप्लाई प्रभावित हो रही थी, लेकिन खबर है कि अब राजधानी के सभी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट्स अपनी पूरी क्षमता के साथ काम करना शुरू कर चुके हैं। सोमवार सुबह से राजधानी के सभी इलाकों में पानी की सप्लाई सामान्य हो जाने की उम्मीद है।
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दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा ने रविवार को कहा कि दीपावली के दौरान यमुना में प्रदूषण की मात्रा बहुत ज्यादा बढ़ गई थी। इसके कारण अमोनिया की मात्रा स्वीकृत लेवल से बहुत भारी स्तर तक बढ़ गया था। यही कारण है कि दिल्ली के अनेक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट इस दौरान सही से काम नहीं कर पा रहे थे।
लेकिन इस मुद्दे पर सटीक कदम उठाने के बाद अब राजधानी के भगीरथ, ओखला और सोनिया विहार सहित सभी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट्स अपनी 100 फीसद क्षमता के अनुसार काम करना शुरू कर चुके हैं। अनुमान है कि सोमवार सुबह तक दिल्ली के सभी इलाकों में पानी की सप्लाई सामान्य हो जाएगी।
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राघव चड्ढा ने हरियाणा पर आरोप लगाया कि दीपावली के दौरान उसकी तरफ से यमुना में भारी मात्रा में प्रदूषित जल यमुना में बहाया गया। इसके कारण यमुना में प्रदूषण का स्तर बहुत ज्यादा बढ़ गया। इससे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के काम करने की क्षमता प्रभावित हुई और इस दौरान केवल आधी क्षमता से ही जल उत्पादन हो पा रहा था।
इस दौरान दिल्ली सरकार ने राजधानी के सभी इलाकों में पानी के टैंकर भेजकर स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों को किसी तरह की तकलीफ नहीं होने देगी। अब पानी की सप्लाई सामान्य होने की उम्मीद है।