नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय में स्नातक कोर्सेज की पहली कटऑफ में ही करीब आधी सीटें भर गई हैं। इसके दाखिले बुधवार को समाप्त हो चुके हैं। हालांकि, शुक्रवार तक विद्यार्थी फीस जमा करा सकते हैं। बृहस्पतिवार तक 27,006 छात्रों ने फीस जमा कर दाखिला पक्का कर लिया। वहीं, कॉलेज प्राचार्यों ने 14,205 दाखिले मंजूर किए। यदि इनमें से 10 हजार दाखिले के लिए भी फीस जमा हो गई तो पहली कटऑफ के दाखिले 37 हजार हो जाएंगे, जबकि डीयू की कुल सीटें 70 हजार हैं।
दाखिले से जुड़े जानकार बता रहे हैं कि तीसरी कटऑफ के बाद छात्रों के पास दाखिले के विकल्प काफी कम हो जाएंगे। डीयू में पहली कटऑफ के दाखिले सोमवार को शुरू हुए थे। पहली कटऑफ के सुपर हाई रहनेे के बाद भी कॉलेजों में खूूब दाखिले हुए हैं। कहीं-कहीं तो कुछ कोर्सेज में सीटों से अधिक दाखिले हो गए हैं। इसलिए कई कॉलेज नेे तो कुछ कोर्सेज की दूसरी कट ऑफ नहीं निकालने का फैसला किया है। हिंदू कॉलेज में भी कई कोर्स की दूसरी कटऑफ नहीं आने की उम्मीद है। इनमें राजनीति विज्ञान, फिजिक्स जैसे कोर्स शामिल हैं। दूसरी में छात्र-छात्राएं शिफ्टिंग शुरू करेंगे, तभी कॉलेजों को कुछ राहत मिल सकती है।
आर्यभट्ट कॉलेज के दाखिला संयोजक राजेश द्विवेदी ने बताया कि उनके यहां पहली कटऑफ में ही 800 सीटों पर 311 दाखिले हो चुके हैं। खासकर, राजनीति विज्ञान में तो ओवर दाखिले हो गए हैं। यहां कुल 65 सीटों पर सामान्य श्रेणी के ही 86 दाखिले हो चुके हैं। ऐसे में कॉलेज इस कोर्स की दूसरी कटऑफ नहीं निकालेगा। बीए प्रोग्राम राजनीति विज्ञान-इतिहास में भी 65 सीटों पर सामान्य श्रेणी के ही 58 दाखिले हो गए हैं, ओबीसी के 28, एससी के 9, एसटी के दो दाखिले हो गए हैं। इस कॉम्बिनेशन के लिए भी दूसरी कटऑफ नहीं आएगी।
अरबिंदो कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. विपिन अग्रवाल कहते हैं कि अंग्रेजी ऑनर्स व राजनीति विज्ञान में सीटों से अधिक दाखिले हुए हैं। अगली कटऑफ में दाखिला रद्द कराने पर थोड़ी राहत मिल सकती है। तब भी इन कोर्स के दाखिले नहीं खुलेंगे। इन कोर्स के लिए दूसरीकट ऑफ नहीं आएगी। रामानुजन में भी बीए प्रोग्राम के सभी कॉम्बिनेशन की दूसरी कटऑफ नहीं आएगी। वहां 1200 सीटों के लिए 350 दाखिले हो चुके हैं।