गिरोह ऐसे करता था काम
पूजा ने बताया कि वह और उसका पति संजू ऐसे लोगों की पहचान करते थे। पहचान होने के बाद उसका नंबर रोशनी को दे दिया जाता था। रोशनी उस व्यक्ति से फोन कर दोस्ती करती थी और उसे बहाने से एक कमरे पर ले जाती थी, जहां पहले से मौजूद सभी आरोपी उस व्यक्ति को बंधक बना लेते थे और उस व्यक्ति के फोन से परिवार वालों से पैसे की मांग करते थे। ललित परिवार का सदस्य बनता था जबकि जोनी वारदात को अंजाम देने के लिए घर का इंतजाम करता था।