हर्ष गिरधर लघु फिल्म भी बनाता था
मूलरूप से रोहतक, हरियाणा निवासी हर्ष गिरधर उत्तम नगर, दिल्ली में रहता था। शुरू में वह बैंकों के ऋण वसूली एजेंटों के साथ काम करना शुरू किया। फिलहाल वह नारायण यू-ट्यूब पर डालने के लिए लघु फिल्म बनाने के लिए छोटा प्रोडक्शन हाउस चला रहा था। वह सतीश ग्रोवर के साथ नकली नोटों के गोरखधंधे में शामिल हुआ। वह 100 रुपये का नकली नोट 50 रुपये में लेता था और आगे उसे 60 रुपये में देता था। करण सिंह के खिलाफ अपहरण और दुष्कर्म का मामला दर्ज है।
सतीश ग्रोवर ऋण वसूली के लिए आईसीआईसीआई बैंक के साथ काम करता है। वह अक्सर पंजाब का दौरा करता था क्योंकि उसकी मां जालंधर की रहने वाली थी। वहां पर वह विक्रमजीत सिंह के संपर्क में आया था। सतीश ग्रोवर ने विक्रमजीत सिंह से नकली नोट लेना शुरू किया और इसे बैंकिंग क्षेत्र के अपने पुराने परिचित हर्ष गिरधर के माध्यम से दिल्ली में प्रसारित किया।
शिक्षण संस्थान चलाता था विक्रमजीत सिंह
वीपीओ मारी पंवान, तहसील बटाला, गुरदासपुर, पंजाब निवासी विक्रमजीत सिंह (33) अपने गांव में शिक्षण संस्थान चलाता था। वह भारी कर्ज में डूबा हुआ है और कुछ वित्तीय सहायता की तलाश में वह पंजाब के जालंधर में सतीश ग्रोवर से मिला। पैसे के लालच में वह हर्षदीप के साथ नकली नोटों के धंधे में शामिल हो गया। वह हर्षदीप से 100 रुपये का नकली नोट 30 रुपये में लेता था और आगे 40 रुपये में बेचता था।
ठगी का शिकार हुआ तो नकली नोट छापने लगा
मूलरूप से ग्राम दत्तोवाल, जिला सोलन हिलाचल प्रदेश निवासी हर्षदीप ठाकुर (27) न्यू अमृतसर में रहता था। उसने पंजाब के होशियारपुर में प्लास्टिक इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया और अमृतसर में नौकरी की। वह काफी समय से बेरोजगार था। इस आर्थिक संकट के दौरान जाली नोट के नाम पर उसके साथ ठगी की गई। इसके बाद उसने नकली नोट छापने का कारखाना लगाया और नकली नोट छापने लगा।