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दिल्ली: साइबर सेल ने मुस्लिम महिलाओं की तस्वीर डालने पर सुल्ली डील्स एप के खिलाफ दर्ज किया मामला

Thu, 08 Jul 2021 05:15 PM IST
सुशील कुमार कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

सोशल मीडिया पर इन महिलाओं को टॉरगेट किया गया। दिल्ली महिला आयोग ने इस पर संज्ञान लिया था और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर मामले में विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट मांगी थी। दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस ने गिटहब एप से रिपोर्ट मांगी है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : For Refernce Only
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विस्तार
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दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने सुल्ली डील्स मोबाइल एप्लीकेशन के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सुल्ली डील्स एप पर सैंकड़ों से ज्यादा मुस्लिम महिलाओं की उनकी अनुमति के बिना फोटो डाल दी गई। ये फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी। इसके बाद अच्छा-खासा हंगामा खड़ा हो गया था। 

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सोशल मीडिया पर इन महिलाओं को टॉरगेट किया गया। दिल्ली महिला आयोग ने इस पर संज्ञान लिया था और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर मामले में विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट मांगी थी। दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस ने गिटहब एप से रिपोर्ट मांगी है।
 
दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता चिन्मय बिश्वाल ने बताया कि राष्ट्रीय साइबर अपराध रिर्पोटिंग पोर्टल पर मिली एक शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए साइबर सेल ने सात जुलाई को आईसीपी की धारा 354-ए (छेड़छाड़) के तहत मामला दर्ज किया है। 
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इस मामले में गिटहब एप को नोटिस भेजकर जानकारी मांगी है। साइबर सेल के पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी स्तर पर जांच की जा रही है। जांच अभी प्रारंभिक स्तर पर है, इसलिए इस पर अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी।

क्या है मामला
साइबर सेल के पुलिस अधिकारियों के अनुसार सोशल मीडिया साइट मुस्लिम महिलाओं की फोटो लेकर होस्टिंग प्लेटफार्म गिटहब की मदद से सुल्ली हील्स नाम का एप बनाया गया। इस पर मुस्लिम महिलाओं की फोटो लगाकर गलत बातें की गईं। सुल्ली शब्द को ही गलत माना जाता है। इसके बाद इसे ट्विटर पर प्रचार किया गया। ये मामला तब संज्ञान में आया जब लोगों ने इसके बारे में ट्विटर लिखना शुरू किया और डील्स ऑफ दा डे लिखना शुरू किया। हालांकि ये अभी तक ये खुलासा नहीं हुआ है कि मुस्लिम महिलाओं की फोटो किसने अपलोड की है।  
 

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गिटहब एप बनाने की अनुमति देता है
एक होस्टिंग प्लेटफार्म के रूप में गिटहब अपने प्रयोगकर्ताओं को व्यक्तिगत व प्रशासनिक एप बनाने की अनुमति देता है। वह इन एप को गिटहब मार्केट प्लेस में साझा करने व बेचने की भी अनुमति देता है। इस पर सुल्ली डील्स किसने बनाया इसका खुलासा गुरुवार शाम तक नहीं हो पाया था। साथ ही गिटहब एक होस्टिंग प्लेटफार्म है। वह ओपन सोर्स कोड का भंडार है। 

गिटहब पर बनाया सुल्ली डील्स एक बार ओपन होने के बाद एप यूजर को फाइंड योर सुल्ली डील ऑफ द डे, पर क्लिक करने के लिए कहता है। यह तब एक महिला की तस्वीर को आपको सुल्ली डील ऑफ द डे के रूप में दिखाएगा। महिला आयोग ने इसे गंभीर अपराध बताया है। 
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