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चोरी व झपटमारी रोकने की कोशिश: चोरी का मोबाइल बनेगा कबाड़, आईएमईआई होगा बंद

Thu, 24 Feb 2022 09:56 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दिल्ली पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना ने बृहस्पतिवार को पुलिस मुख्यालय पर आयोजित वार्षिक प्रेसवार्ता में इसकी जानकारी दी। अस्थाना के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने 2030 तक अपना एक्शन प्लान तैयार कर लिया है। इसके तहत दिल्ली में निर्भया फंड से दिल्ली में दस हजार से ज्यादा सीसीटीवी लगाए जाएंगे।
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चोरी के मोबाइल फोन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली में बढ़ते अपराधों के बीच दिल्ली पुलिस मोबाइल की चोरी व झपटमारी रोकने के लिए अनूठा तरीका अपना रही है। इसके तहत पुलिस अंतरराष्ट्रीय मोबाइल उपकरण पहचान संख्या (आईएमईआई) ही बंद कराएगी। इससे मोबाइल इस्तेमाल करने लायक नहीं रहेगा और यह ई-कचरे तब्दील हो जाएगा। 

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इसके बाद चोरी का मोबाइल काम ही नहीं करेगा। अपनी इस योजना को लागू करने के लिए दिल्ली पुलिस फिलहाल केंद्रीय दूरसंचार विभाग (डीओटी) से बात कर रही है। दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस अब कानून व्यवस्था कायम रखने और यातायात को बेहतर करने के लिए ड्रोन की मदद लेगी। इसके लिए एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है। अगले तीन सालों में ड्रोन का इस्तेमाल शुरू हो जाएगा। इस सबके बीच 2020 की तुलना में 2021 में दिल्ली का क्राइम ग्राफ 16.35 फीसदी बढ़ गया है। इसमें दुष्कर्म के मामलों में 21 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है।

दिल्ली पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना ने बृहस्पतिवार को पुलिस मुख्यालय पर आयोजित वार्षिक प्रेसवार्ता में इसकी जानकारी दी। अस्थाना के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने 2030 तक अपना एक्शन प्लान तैयार कर लिया है। इसके तहत दिल्ली में निर्भया फंड से दिल्ली में दस हजार से ज्यादा सीसीटीवी लगाए जाएंगे। साथ ही नई तकनीक से लैस ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा। इसको कानून व्यवस्था संभालने, यातायात को ठीक रखने और सुरक्षा बेहतर करने के काम में लगाया जाएगा। इसके लिए अलग से दिल्ली पुलिस में यूनिट बनाई जाएगी। वह मानते हैं कि ड्रोन के इस्तेमाल से लॉ एण्ड ऑर्डर को ठीक से संभाला जा सकेगा।
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पुलिस आयुक्त ने बताया कि जब से पीसीआर को थाने में मर्ज किया गया है तब से पीसीआर के घटनास्थल पर पहुंचने के टाइम में सुधार हुआ है। पीसीआर के थाने मे मर्ज होने के बाद तीसरी पार्टी से ऑडिट कराया गया है। जब जहां पीसीआर 7.5 मिनट में मौके पर पहुंचती थी वह पीसीआर के थाने में मर्ज होने के बाद पीसीआर 4.3 मिनट में थाने में पहुंच जाती है। पुलिस आयुक्त ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने दो जगहों से आईईडी को पकड़कर राजधानी को दहलाने की साजिश को नाकाम कर दिया है। दिल्ली में कोई आतंकी घटना नहीं हुई है। कम्युनिटी पुलिसिंग पर काम किया जा रहा है। पुलिस फोर्स राजधानी में कानून व्यवस्था बनाने के लिए काम कर रही है। ई-एफआईआर दर्ज करने में कमी आई है। कोरोना इसकी एक वजह है। गैंगवार को रोकने के लिए गैंगस्टर पर मकोका लगाया जा रहा है। 

पुलिस आयुक्त खुद पीसीआर कॉल की निगरानी करते हैं
दिल्ली पुलिस आयुक्त ने कहा कि वह हर रोज शाम को पुलिस मुख्यालय में पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक करते हैं और हर पीसीआर कॉल की निगरानी करते हैं। वह ये देखते हैं कि अगर कोई पीसीआर मौके पर 4.3 मिनट देरी से पहुंचती है तो ये पता किया जाता है कि पीसीआर देरी से क्यों पहुंची। इसका जवाब मांगा जाता है और ये कारण पता किया जाता है कि देरी के कारण क्या थे।

किसानों पर दर्ज 17 केस वापस लेने के लिए प्रस्ताव भेजा
पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने किसान आंदोलन को लेकर कुल 44 केस दर्ज किए थे। इनमें से 169 आंदोलनकारियों को पकड़ा गया था। दिल्ली पुलिस ने पांच केसों में चार्जशीट दाखिल कर दी है, जबकि पांच केस अनट्रेस हो गए है। ऐसे में 44 केस बचे हैं। इन 44 केस में से दिल्ली पुलिस ने 17 केसों को वापस लेने के लिए दिल्ली के उपराज्यपाल को प्रस्ताव भेजा है। ये प्रस्ताव अभी दिल्ली सरकार के पास विचाराधीन है। आगे से जिस तरह का आदेश आएगा उसी हिसाब से किस वापस लिए जाएंगे। 

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