दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने ईएसआई डिस्पेंसरी में दी जाने वाली करोड़ों रुपये की दवाएं फर्जीवाड़े से बेचने के आरोप में एमबीबीएस डॉक्टर, दो फार्मासिस्ट समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान मास्टर माइंड एमबीबीएस डॉक्टर ग्रेटर नोएडा निवासी डॉ. अविनाश सैनी (41), ग्रीन फील्ड कालोनी, फरीदाबाद निवासी फार्मासिस्ट चंद्र प्रकाश (33), फार्मासिस्ट अंकित मिश्रा (23) व दो दवाओं के दो खरीदार प्रवीन मंगला (40) और सुमेश राठी (52) के रूप में हुई है। आरोपी डॉक्टर अविनाश सैनी, चंद्र प्रकाश के कहने पर मरीजों को बिना जरूरत के कीमती दवाएं लिख देते थे। बाद में इन दवाओं को मरीजों को न देकर उनको डिस्पेंसरी के स्टॉक से निकालकर बेच दिया जाता था।
बाजार में बेच रही थी ईएसआई की दवाई
सभी आरोपी वर्ष 2018 से दवाएं चोरी कर रहे हैं। आशंका व्यक्त की जा रही है कि आरोपी पिछले तीन सालों के दौरान करोड़ों की दवाएं बेच चुके हैं। अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त राजेश देव ने बताया कि उनकी टीम को सूचना मिली कि कुछ लोग सरकारी ईएसआई की डिस्पेंसरी की दवाएं चोरी करके उनको मार्केट में बेच रहे हैं। इसमें डिस्पेंसरी के डॉक्टर व फार्मासिस्ट भी शामिल हैं। सूचना के बाद इंस्पेक्टर नरेश सोलंकी व एसआई कृष्ण कुमार ने आरोपियों की जानकारी जुटाना शुरू कर दी।
सभी दवाइयों पर ईएसआई की लगी थी मोहर
सूचना के बाद पुलिस की टीम ने बदरपुर इलाके से दवाएं बेचते हुए रंगे हाथों चंद्र प्रकाश व प्रवीन मंगला को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से ईएसआई डिस्पेंसरी में इस्मेमाल की जाने वाली लाखों की दवाईयां मिलीं। सभी दवाईयों पर ईएसआई की मोहर लगी थी। पूछताछ के दौरान आरोपी दवाइयों के बारे में कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए। पुलिस ने दवाइयों को कब्जे में लेकर उनकी स्टाक रिकॉर्ड से जांच की। सभी दवाइयां ईएसआई कार्ड धारकों को जारी की हुई दिखाई गई थीं। कुछ मामलों में कार्ड धारक डिस्पेंसरी आए ही नहीं थे, लेकिन उनके नाम पर दवाई जारी थीं।
बिना जरूरत के लिखते थे महंगी दवाई
वहीं कुछ मामलों में डिस्पेंसरी आए मरीजों को उन दवाइयों का लिखा गया था, जिनकी उनको जरूरत ही नहीं थी। फार्मासिस्ट के कहने पर डॉक्टर अविनाश मरीजों के पर्चे पर ऐसी दवाइयां लिख दिया करता था। उन पर खास तरह का निशान लगा दिया जाता था। निशान देखकर मरीजों को वह दवाइयां न देकर उनकी जरूरत भर की ही दवाईयां दी जाती थीं। चंद्र प्रकाश से पूछताछ के बाद पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी डॉक्टर अविनाश और सुमेश राठी व अंकित मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। चंद्र प्रकाश ओखला स्थित ईएसआई की डिस्पेंसरी में फार्मासिस्ट है, अविनाश भी वहीं एमबीबीएस डॉक्टर है, जबकि अंकित मिश्रा तिगड़ी स्थित डिस्पेंसरी में फार्मासिस्ट है।
करोड़ों की दवाएं बेच चुके हैं आरोपी
पुलिस की पूछताछ में मास्टर माइंड अविनाश ने बताया कि वह मूलरूप से दिल्ली का ही रहने वाला है। बाद में वह ग्रेटर नोएडा शिफ्ट हुआ है। उसने कर्नाटक से एमबीबीएस किया है। इसके बाद से लगातार वह ईएसआई डिस्पेंसरी में डॉक्टर है। नौकरी के दौरान उसकी मुलाकात चंद्र प्रकाश से हुई जो फार्मासिस्ट था। दोनों ने योजना बनाई की ईएसआई में आने वाली महंगी दवाइयों को बाजार में बेचने से मोटा मुनाफा हो सकता है। चंद्र प्रकाश, अंकित मिश्रा व अन्यों की मदद से अविनाश लगातार महंगी दवाइयां बेच रहा था। आशंका व्यक्त की जा रही है कि तीन साल के भीतर इन लोगों ने करोड़ों की दवाएं बेच दी हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।