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Delhi News : इसलिए ढह गया फराशखाना में दो मंजिला मकान, स्थानीय लोग बने मददगार

Mon, 10 Oct 2022 03:35 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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हादसे के बाद... - फोटो : अमर उजाला
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स्थानीय लोगों ने बताया कि  फराशखाना के जिस मकान में हादसा हुआ है वह करीब सौ साल पुराना था और काफी जर्जर हालत में था। लगातार हो रही बारिश हादसे का बड़ा कारण बनी। बारिश होने के कारण मकान का छत टपकने लगा था। जिससे वह काफी जर्जर हो गया था। मकान भूतल सहित तीन मंजिला का बना हुआ था। भूतल पर गोदाम बना हुआ था। जो पिछले 15 साल से बंद था। अलग अलग मंजिल पर कई परिवार रहते थे।

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लोगों ने बताया कि हादसे होते ही बिजली के तार टूट गए थे। जिनमें करंट दौड़ रहा था। तुरंत बिजली विभाग को इसकी सूचना दी गई और सप्लाई काटी गई। उसके बाद लोगों ने मलबे में फंसे लोगों को एक एक कर निकाला। कुछ समय बाद मौके पर जेसीबी को लगाया गया और तेजी से मलबे को हटाने का काम शुरू किया गया। 

स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत बचाव का काम कर कई लोगों को बचा लिया। समय रहते ही लोगों ने मलबे में फंसे लोगों को अस्पताल पहुंचाया। राहत बचाव करने वाले सलीम ने बताया कि बच्ची और एक बुजुर्ग महिला की हालत काफी नाजुक थी। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस और दमकल विभाग के कर्मी समय रहते पहुंच गए लेकिन जेसीबी आने में काफी समय लगा। वहीं संकरे रास्तों के कारण मुख्य सड़क से 20 मीटर की दूरी पर स्थित घटनास्थल तक पहुंचने में काफी वक्त लग गया। इसलिए मलबे को हटाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
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रविवार होने की वजह से गली थी खाली 
स्थानीय लोगों ने बताया कि जिस गली में हादसा हुआ है, वहां काफी भीड़ रहती है। शाम से लेकर रात तक ठीक से चलने तक की यहां जगह नहीं होती है। गली भी काफी संकरी है। गनीमत रही कि हादसा रविवार के दिन हुआ। रविवार की वजह से गलियां सुनसान थीं और आवाजाही भी नहीं थीं। लोगों ने बताया कि अन्य दिन हादसा होने पर काफी जान माल का नुकसान होता। हादसे में कई राहगीर भी चपेट में आ सकते थे। हालांकि एक राहगीर हादसे के चपेट में आकर घायल हो गया। उसकी पहचान विपिन के रूप में हुई है। उसके पैर में चोट है।

एनडीआरएफ की टीम ने आते ही मोर्चा संभाला
एनडीआरएफ की टीम के आने से पहले स्थानीय लोग और दमकल कर्मी मलबे को हटाने के काम कर रहे थे, लेकिन एनडीआरएफ टीम आने के बाद उन्होंने मौर्चा संभाल लिया। उन्होंने स्थानीय लोगों को घटनास्थल से हटा दिया। एनडीआरएफ की टीम अपने साथ लाए श्वान को लेकर पहले मलबे के पास पहुंचे और फिर उनके जरिए मलबे में फंसे लोगों के बारे में पता लगाया। 

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