फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नौ वर्षीय बच्ची की हत्या व दुष्कर्म का मामला :  पीड़ित परिवार के बयान नहीं ले पा रही पुलिस

Sat, 07 Aug 2021 05:11 AM IST
दुष्यंत शर्मा पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली

सार

  • बच्ची के परिजनों ने शव लेने से इनकार किया, कहा- इंसाफ चाहिए
  • सीसीटीवी फुटेज के लिए पुलिस ने आठ लोगों को नोटिस दिया
विज्ञापन
दुष्कर्म व जलाने का मामला - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिल्ली कैंट के पुराना नांगल गांव में नौ वर्षीय बच्ची की हत्या व दुष्कर्म मामले ने तूल पकड़ा हुआ है। इसकी वजह से पुलिस को पीड़ित परिवार का बयान नहीं मिल पा रहा है। यह भी कहा जा सकता है कि पुलिस को बच्ची के परिजन मिल ही नहीं रहे हैं, जिससे जांच में देरी हो रही है। वहीं, शुक्रवार को पीड़ित परिवार ने शव (जलने से बचे शरीर के अंग) लेने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि जब तक इंसाफ नहीं मिलेगा, तब तक वह शव नहीं लेंगे।

विज्ञापन


उधर, पुलिस ने घटनास्थल के पास स्थित नांगल गांव में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के लिए आठ-दस गांव वालों को नोटिस दिया है। पुलिस को श्मशान घाट के पास सीसीटीवी कैमरे लगे नहीं मिले।

दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बच्ची के साथ दुष्कर्म व हत्या की घटना रविवार को सामने आई थी। मंगलवार को इस मामले की जांच दिल्ली कैंट थाने से लेकर दक्षिण-पश्चिमी जिले की जिला इंवेस्टीगेशन यूनिट (डीआईयू) को दे दी गई थी। मामला तीन दिन तक डीआईयू के पास रहा, लेकिन डीआईयू पीड़ित परिवार के बयान नहीं ले पाई। इसके बाद बृहस्पतिवार को केस अपराध शाखा को मिल गया। अपराध शाखा की टीम शुक्रवार को बयान लेने पीड़ित परिवार के घर गई थी, मगर कोई नहीं मिला। परिवार भी पुलिस के पास बयान देने नहीं आया है।
विज्ञापन


दक्षिण-पश्चिमी जिला डीसीपी इंगित प्रताप सिंह ने बताया कि पीड़ित परिवार ने शव को लेने से इनकार कर दिया है। पीड़ित परिवार कह रहा है कि जब तक इंसाफ नहीं मिलेगा तब तक वह शव नहीं लेंगे। बच्ची के पैर व रीढ़ की हड्डी का कुछ हिस्सा जलने से बचा है। पुलिस ने इन अवशेषों को मोर्चरी में रखा हुआ है। 

अपराध शाखा ने फोरेंसिक टीम के साथ किया मौका मुआयना
अपराध शाखा ने दिल्ली पुलिस की फोरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल का मुआयना किया। वहां कई घंटे जांच की गई। फोरेंसिक टीम ने मौके से कुछ नमूने उठाए हैं। हालांकि, फोरेंसिक टीम ज्यादातर नमूने पहले ही उठा चुकी है। अपराध शाखा की टीम ने दिल्ली कैंट थाने के पुलिसकर्मियों से बात की और पुराने मामले की जानकारी ली। अपराध शाखा की टीम ने 7-8 ग्रामीणों के बयान दर्ज किए हैं।

रिमांड पर लिए जाएंगे आरोपी
पूछताछ के लिए अपराध शाखा ने आरोपियों को रिमांड पर लेने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए शुक्रवार को कोर्ट में अर्जी लगाई। कोर्ट ने सुनवाई के लिए शनिवार की तारीख दी है। डीआईयू भी आरोपियों को पूछताछ के लिए रिमांड पर ले रही थी, मगर मामले की जांच अपराध शाखा को चली गई थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों से पूछताछ नहीं हो पाई है और न ही मेडिकल जांच हो पाई है। 

पुलिस डिजिटल सबूत एकत्रित करने में जुटी
पुलिस आरोपियों के मोबाइल की लोकेशन खंगाल रही है, ताकि आरोपियों की घटनास्थल के समय लोकेशन को जाना जा सके। इससे ये पता लग जाएगा कि घटना के समय आरोपी कहां थे। साथ ही ये पता लग जाएगा कि घटना के समय और कौन लोग मौजूद थे।

आरोपियों के इलाके में पसरा सन्नाटा, पड़ोसियों ने भी साधी चुप्पी

दिल्ली कैंट में बच्ची के साथ दुष्कर्म व हत्या के चारों आरोपियों  के इलाके में घटना के पांच दिन बाद भी सन्नाटा फैला हुआ है। पड़ोसी समेत स्थानीय दुकानदार भी आरोपियों के बारे में ज्यादा कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। नाम पूछने पर आरोपियों की थोड़ी  जानकारी देने के बाद वह उनके घर की तरफ इशारा कर देते हैं।  वहीं, घर तक पहुंचने पर परिवार के सदस्य किसी आगंतुक को देखकर बड़ी बेरूखी से घर का दरवाजा बंद कर लेते हैं। शुक्रवार दिनभर आरोपियों के मोहल्ले में यही नजारा देखने को मिला। चारों आरोपियों का पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।

नौ वर्षीय बच्ची की हत्या के मामले में चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इसमें शमशान का पुजारी राधेश्याम, सलीम, कुलदीप और लक्ष्मीनारायण है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पंडित राधेश्याम का शमशान घाट पर अंतिम संस्कार कराने का पुस्तैनी पेशा है। सागरपुर स्थित अपने मकान से वह हररोज सुबह शमशान घाट आ जाते थे और देर शाम घर लौटते थे। दिनभर शमशान घाट पर ही उनका रहना होता था। एक स्थानीय महिला ने बताया कि पंडित का भरापूरा परिवार है। वह अपने बेटे-बहु व उनके बच्चों के साथ रहते हैं। स्थानीय निवासी  बताते हैं कि 55 वर्षीय राधेश्याम का पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। 

दूसरी तरफ,  चारों आरोपियों की आपस में गहरी दोस्ती है। प्रतिदिन इनकी आपस में शमशान घाट स्थित पुजारी के बैठक पर मुलाकात होती थी। सलीम अपने कारोबार के सिलसिले में आता था। लेकिन, लक्ष्मीनारायण और कुलदीप हर दिन शाम को राधेश्याम के पास जाते थे। इनकी बीच घंटों आपस में बातचीत चलती रहती थी। इस तरह की मुलाकातें इनके रूटिन में शामिल हो गई थी। अंधेरा होने पर करीब सात बजे शमशान का दरवाजा बंद हो जाता था। इसके बाद राधेश्याम सागरपुर दो आरोपी  आरोपी नांगल गांव व सलीम सदर स्थित अपने घर लौट जाता था। वारदात के दिन भी चारों आरोपी मौके पर मौजूद थे और पीड़ित परिवार को बच्ची के करंट लगने से मृत होने की सूचना दी थी।   

पुलिस के हिसाब से इस तरह हुई थी घटना, कूलर व शव के अवशेष पुलिस कब्जे में
रविवार शाम करीब साढ़े पांच बजे शमशान के सामने स्थित पीर बाबा की मजार से शमशान में ठंडा पानी लेने पहुंची थी। शाम साढ़े छह बजे पुजारी ने बच्ची की मां  इतला दी कि बच्ची की करंट लगने से मौत हो गई है। इसके बाद आनन-फानन में उसकी मां मौके पर पहुंची। पुलिस को दिए गए अपने बयान में मां ने बताया कि पुजारी ने करंट लगने की बात करते हुए बच्ची का अंतिम संस्कार करने की सलाह दी। साथ ही यह भी कहा कि पुलिस को बताने पर पोस्टमार्टम होगा और बच्ची का अंग निकाल लिए जाएंगे। मां से सहमति मिलने के बाद पुजारी ने चिता लगाकर बच्ची को आग के हवाले कर दिया। थोड़ी देर मां रोते बिलखते घर की ओर चली गई।

इसी बीच बाजार में बच्ची के पिता को घटना की सूचना मिली।  मौके पर पहुंचने के बाद  शव जलता देख वह शोर मचाने लगा। इसे सुनकर शमशान घाट पहुंचने लगे। उधर, बच्ची की मां ने घर पहुंचने पर पड़ोसियों को घटना की जानकारी दी। इससे गुस्साए पड़ोसी भी बच्ची की मां को लेकर शमशान घाट पहुंच गए। लोगों ने आनन-फानन में चिता की आग बुझाई। साथ ही पुलिस को भी सूचना दी। 

सूचना पाकर जब मौके पर पुलिस पहुंची तो चिता की आग ठंडी हो गई थी। पुलिस ने चश्मदीदों के बयान दर्ज कर कूलर और शव के बचे हुए अवशेष को अपने कब्जे में ले लिया। मौके से चारों आरोपी भी पुलिस की गिरफ्त में आ गए। 

आरोपियों का प्रोफाइल
सलीम(49)
सलीम पिछले चार-पांच सालों से शमशान घाट में लकड़ियों के आपूर्ति कर रहा था। वह यहां शवों के लिए लकड़ियां उठाने का काम करता था। स्थानीय लोगों का कहना है कि वह यहां नाम बदलकर रामू नाम से रह रहा था। प्रदर्शन स्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि सलीम शमशान पर अपने साथियों के लिए शराब लाया करता था। 
कुलदीप(63)
यह नांगल गांव में रहता है। अक्सर शाम के समय अपने तीन दोस्त यानी आरोपियों से मिलने के लिए शमशान में पहुंचता था। चारों आरोपियों में सबसे अधिक उम्र कुलदीप की है। वह देर तक यहां बैठा रहता था। शमशान का दरवाजा बंद होने के बाद वह वापस अपने घर लौटता था।
लक्ष्मी नारायण(48)
लक्ष्मी नारायण नांगल गांव में ही परिवार के साथ रहता है। परिवार में माता-पिता भी हैं। वह आसपास के इलाकों में रंग-पुताई का काम करता है। काम खत्म करने के बाद वह भी शाम को शमशान में मिलने के लिए पहुंचा करता था। 

पंडित ने बताया ठंडा पानी लाने की जगह कूलर के पास बच्ची पड़ी थी चित
शुक्रवार को एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें घटना के दिन शमशाम पर लोगों से घिरने पर पंडित राधेश्याम ने बता रहा है कि बच्ची ने आते ही उससे ठंडा पानी लाने के लिए पूछा था। इस पर उसने हामी भर दी। बच्ची पानी लाने चली गई। जब वह काफी देर तक वापस नहीं लौटी तो वह पानी के कूलर पास पहुंचा और बच्ची को जमीन पर पड़े हुए देखा। इसके बाद उसने मां की इसकी सूचना दी।
विज्ञापन

दो मंच के माध्यम से दिनभर चला प्रदर्शन

दिल्ली कैंट के पुराने नांगल गांव में नौ वर्षीय बच्ची की हत्या के मामले में लगातार छठे दिन लोगों का प्रदर्शन जारी रहा। सड़क के एक तरफ स्थानीय लोगों के साथ अन्य लोग भी प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पहुंचे। शाम तक मौके पर प्रदर्शन कर स्थानीय लोगों ने इंसाफ की मांग की। 

प्रदर्शनकारियों ने घटनास्थल पर दो मंच बनाए हुए हैं। इसमें महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग मंच हैं। शुक्रवार को धरनास्थल पर स्थानीय लोगों के अलावा नेताओं का पहुंचना जारी रहा। साथ ही दोपहर तक विभिन्न छात्र संगठन भी पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने मांग करते हुए कहा कि जब तक बच्ची को इंसाफ नहीं मिल जाता है तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। इस कड़ी में कई महिलाएं भी मौके पर पोस्टर लेकर न्याय की मांग को लेकर पहुंची। दोपहर में स्थानीय लोगों ने मिलकर धरनास्थल पर भंडारे का भी आयोजन किया। 

दूसरे दिन भी सामान्य रहा यातायात
सागरपुर से दिल्ली कैंट जाने वाले मार्ग पर शुक्रवार को यातायात सामान्य रहा। पीक ऑवर में वाहनों का दबाव बढ़ने पर कुछ समय के लिए जाम की स्थिति भी बनी, लेकिन कुछ देर बाद वाहनों का संचालन सामान्य हो गया। हालांकि, फ्लाईओवर का एक हिस्सा बंद होने के कारण यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक दिन पहले ही सेना की ओर से आदेश मिलने के बाद सड़क के एक हिस्से को खाली किया गया है। सेना का कहना था कि यहां मौजूद सेना की विभिन्न इकाईयों में सामान पहुंचाने में परेशानी हो रही थी। साथ ही सुरक्षा के लिहाज से भी सेना ने चिंता जताई थी।  
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें