जिंदगी से हताश बुजुर्ग दंपती ने गोविंदपुरी इलाके में मंगलवार शाम फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। दोनों ने एक साथ व पास-पास फांसी लगाई है। पुलिस को मौके से टेबल पर रखे दो सुसाइड नोट मिले हैं। बुजुर्ग दंपती ने खुदकुशी करने से पहले लिखा कि वह सड़क दुर्घटना में लगीं चोटों से काफी समय अस्पताल में रहे थे। चोटों की वजह से वह काफी परेशान हो गए और अब कोई उनकी देखभाल नहीं कर सकता। गोविंदपुरी थाना पुलिस ने पति-पत्नी के शव का पोस्टमार्टम कराकर बुधवार शाम को परिजनों को सौंप दिया।
दक्षिण-पूर्व जिला डीसीपी ईशा पांडेय ने बताया कि राकेश कुमार जैन (74), पत्नी उषा (69) के साथ पॉकेट-9, मकान नंबर-64 ग्राउंड फ्लोर, कालकाजी एक्सटेंशन गोविंदपुरी में रहते थे। दोनों ही अच्छे पढ़े लिखे थे और दिल्ली विश्वविद्यालय में लेक्चरर थे। उनकी बेटी अंकिता (47) अपने परिवार के साथ गोविंदपुरी में ही रहती है।
अंकिता ने माता-पिता की देखभाल के लिए अजीत नाम के युवक को रखा हुआ था। बुजुर्ग दंपती ने मंगलवार दोपहर को अजीत को खाना खाने के लिए बाहर भेज दिया था। अजीत बाहर खाना खाकर दोपहर करीब ढाई बजे घर लौटा तो उसने डोर बैल बजाई। काफी देर डोरबेल बजाने के बाद दरवाजा नहीं खुला तो उसने इसकी जानकारी अंकिता को दी।
अंकिता माता-पिता के घर पहुंची। उसने अजीत की मदद से दरवाजा तोड़ा तो जैन दंपती ने स्टील के पाइप के जरिए कपड़े से फांसी लगा रखी थी। अंकिता ने शाम करीब पौने चार बजे इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस को मौके पर टेबल पर रखे दो सुसाइड नोट मिले हैं। गोविंदपुरी थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
शादी में जाते वक्त सड़क दुर्घटना में घायल हो गए
राकेश कुमार जैन कुछ वर्ष पहले पत्नी के साथ गोंडा शादी में जा रहे थे। वह दिल्ली से लखनऊ गए और लखनऊ से गोंडा जा रहे थे। रास्ते में वह सड़क दुर्घटना के शिकार हो गए। राकेश कुमार जैन को स्पाइन इंजरी हो गई थी और वह करीब नौ महीने अस्पताल में रहे थे। अस्पताल में रहने के बाद वह ठीक भी हो गए थे। मगर कुछ समय से उनकी चोट फिर उभर आई थी। राकेश कुमार जैन को ऐसी बीमारी हो गई थी कि वह सोते थे तो बीपी हाई हो जाता था। जब वह उठते थे बीपी एकदम लो हो जाता था। इस कारण वह परेशान थे। उषा जैन को भी सड़क दुर्घटना में काफी चोटें आई थीं। वह भी काफी परेशान थीं। दुर्घटना के बाद कई फ्रैक्चर के कारण वह बिस्तर पर पड़े जीवन से तंग आ गई थी।
अब उनकी कोई देखभाल नहीं कर सकता
अपनी बीमारियों से बुजुर्ग दंपती इतने परेशान हो गए थे कि उन्हें इतनी बीमारियों हो गई है कि कोई उनकी देखभाल नहीं कर सकता। हालांकि बेटी अंकिता ने अजीत नाम के युवक को देखभाल के लिए रखा हुआ था।