दिल्ली में दिवाली से पहले ही हवा बेहद खराब हो गई है। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार दिल्ली में हवा की गुणवत्ता 'बहुत खराब' श्रेणी में पहुंच गई है। उधर, एनसीआर में गाजियाबाद का हाल बुरा है।
एनसीआर में रविवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक पिछले 24 घंटों के मुकाबले अधिक दर्ज किया गया। राजधानी में औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक(एक्यूआई) 21 अंकों की बढ़ोतरी के साथ 289 दर्ज किया। शनिवार को यह 268 था। एनसीआर में गाजियाबाद 342 का एक्यूआई के साथ सबसे प्रदूषित शहर रहा। दूसरे स्थान पर नोएडा व ग्रेटर नोएडा हवा बहुत खराब श्रेणी में दर्ज होने के साथ सबसे प्रदूषित रही। अगले दो दिनों में हवा की दिशा बदलने के कारण हवा की गुणवत्ता में हल्का सुधार हो सकता है।
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की वायु मानक संस्था सफर इंडिया के मुताबिक, बीते 24 घंटे में पड़ोसी राज्यों में पराली जलने की 1734 घटनाएं दर्ज की गईं। इससे उत्पन्न होने वाले पीएम 2.5 कण की प्रदूषण में आठ फीसदी हिस्सेदारी दर्ज की गई है। हवा में पीएम 10 का स्तर 256 व पीएम 2.5 का स्तर 122 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा। पीएम 2.5 का स्तर इन दिनों बहुत खराब श्रेणी में दर्ज हो रहा है।
सफर का अनुमान है कि अगले दो दिनों के भीतर हवा की दिशा पश्चिम से दक्षिण-पश्चिम की ओर हो जाएगी। इससे पड़ोसी राज्यों से दिल्ली आने वाले पराली के धुएं में कमी होगी और वायु गुणवत्ता सूचकांक में हल्का सुधार हो सकता है। इससे एक दिन पहले 1800 से अधिक पराली जलने की घटनाएं दर्ज की गईं थीं, जिसकी प्रदूषण में 20 फीसदी हिस्सेदारी रही थी।
कहां कितना रहा एक्यूआई
शहर एक्यूआई
गाजियाबाद 342
ग्रेटर नोएडा 292
नोएडा 292
दिल्ली 289
फरीदाबाद 250
गुरुग्राम 262
(आंकड़े सीपीसीबी के मुताबिक)