राजधानी के अस्पतालों में बढ़ती आग की घटनाओं को लेकर दिल्ली फायर सर्विस चिंतित है। अस्पताल में आग लगने की सूरत में तुरंत ही वहां राहत और बचाव कार्य शुरू हो सके इसको लेकर तैयारियां भी शुरू कर दी गई है। एम्स समेत दिल्ली के आठ अन्य बड़े अस्पतालों में दमकल केंद्र बनाने की योजना पर काम चल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि 500 या उससे अधिक बिस्तरों वाले अस्पतालों में इसकी शुरुआत की जा रही है। अस्पताल प्रशासन इसके लिए दमकल की गाड़ी खड़ी करने की जगह के अलावा पानी का इंतजाम करके देगा। फिलहाल, इसकी शुरुआत एम्स से होने जा रही है। इससे तुरंत ही बचाव कार्य शुरू किया जा सकेगा।
आग लगने की स्थिति में जल्द से जल्द राहत और बचाव कार्य शुरू करने के लिए यह कवायद की जा रही है। इससे किसी भी इमरजेंसी के समय निश्चित फायदा होगा।
- अतुल गर्ग, निदेशक, दिल्ली फायर सर्विस
इस साल अस्पतालों में आग की कुछ घटनाएं
. 14 जनवरी : सफदरजंग अस्पताल में चौथी मंजिल पर आग लगी। कोई हताहत नहीं, लेकिन मरीजों को दूसरी जगह करना पड़ा शिफ्ट।
. 31 मार्च : सफदरजंग अस्पताल की पहली मंजिल स्थित आईसीयू में लगी आग। 50 मरीजों को दूसरी जगह किया गया शिफ्ट।
. 05 मई : विकासपुरी स्थित यूके नर्सिंग होम में आग लगी। पहली मंजिल के स्टोर में आग के बाद 28 मरीजों को दूसरी जगह किया गया शिफ्ट। इनमें 17 कोरोना मरीज भी थे।