दिल्ली मेट्रो और लोक निर्माण विभाग के सहयोग से सूरघाट के नजदीक फेज-4 के मजलिस पार्क-मौजपुर कॉरिडोर पर एक अंडरपास, एकीकृत फ्लाईओवर-कम-मेट्रो वायाडक्ट का निर्माण किया जा रहा है। मेट्रो के समानांतर तीन लेन के फ्लाईओवर के तैयार होने से वाहनों के आवागमन में सहूलियतें बढ़ जाएंगी। यह वजीराबाद फ्लाईओवर (सिग्नेचर ब्रिज) एवं डीएनडी के निकट रिंग रोड के बीच यमुना नदी के साथ-साथ रिंग रोड के समानांतर प्रस्तावित एलिवेटिड रोड का हिस्सा होगा। इसके साथ ही पिंक लाइन पर मेट्रो का पहला रिंग कॉरिडोर भी 2023 तक तैयार हो जाएगी।
दिल्ली मेट्रो की ओर से की जा रही है इस कवायद के तहत एकीकृत निर्माण से मेट्रो के साथ-साथ वाहनों की आवाजाही भी सुलभ हो जाएगी। पोर्टल पर फ्लाईओवर के साथ साथ मेट्रो वायाडक्ट भी रखे जाएंगे। इससे मेट्रो के समानांतर वाहनों के गुजरने के लिए अधिक जगह होने से आवाजाही भी सुलभ होगी। पोर्टल के एक तरफ मेट्रो वायाडक्ट तो दूसरा हिस्सा वाहनों की आवाजाही के लिए फ्लाईओवर का इस्तेमाल किया जाएगा।
पोर्टल पर करीब 450 मीटर के दायरे में फ्लाईओवर और मेट्रो वायाडक्ट के समानांतर चलेंगे। इसके लिए 26 मीटर चौड़ाई और 10 मीटर ऊंचाई वाले 21 पोर्टल निर्मित किए जाएंगे। खास बात यह होगी पोर्टल के समूह के नीचे वाहनों के लिए अंडरपास का भी निर्माण किया जाएगा, जिससे होकर आउटर रिंग रोड की तरफ से आने वाले वाहनों की आवाजाही के लिए उपयोग में लाया जाएगा।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के कार्यकारी निदेशक (कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन) अनुज दयाल के मुताबिक, इसके तैयार होने से वाहनों के आवागमन में सहूलियतें काफी बढ़ जाएंगी। लोगों को एक से दूसरी जगह पहुंचने में कम वक्त लगेगा। यह निर्माण अपनी तरह का पहला होगा, जहां मेट्रो के समानांतरण, फ्लाईओवर पर वाहन भी गुजरेंगे। नई तकनीक की मदद से दिल्ली की परिवहन प्रणाली में बदलाव से लोगों को काफी राहत मिलेगी।
वाहनों के लिए फ्लाईओवर पर होंगे तीन लेन
मेट्रो वायाडक्ट की चौड़ाई 10.5 मीटर होगी, जबकि समानांतर फ्लाईओवर पर करीब 10 मीटर में वाहनों के लिए तीन लेन भी बनाए जाएंगे। लोक निर्माण विभाग का यह प्रस्तावित फ्लाईओवर मौजूदा फ्लाईओवर के साथ-साथ चलेगा। फिलहाल सूरघाट के निकट वजीराबाद से आईएसबीटी के बीच चालू है। आउटर रिंग रोड से सिग्नेचर ब्रिज की तरफ वाहनों की आवाजाही के लिए अंडरपास का निर्माण डीएमआरसी द्वारा किया जाएगा। मेट्रो वायाडक्ट और तीन लेन वाला फ्लाईओवर, पोर्टल पर निर्मित किए जाएंगे, जिसके 2023 तक पूरा होने की उम्मीद है।
अनूठे स्ट्रेच पर बनेगा सुपर स्ट्रक्चर
फेज-4 परियोजना के तहत पहले ही डीएमआरसी की ओर से दो इंटीग्रेटिड डबल डेकर फ्लाईओवर का निर्माण किया जा रहा है। इनमें मेट्रो वायाडक्ट और रोड फ्लाईओवर एक-दूसरे के ऊपर तैयार किए जाएंगे, जबकि यह स्ट्रेच इससे अलग होगा। इसमें फ्लाईओवर और मेट्रो वायाडक्ट एक-दूसरे के समानांतर होंगे। पोर्टल की मदद से मेट्रो वायाडक्ट का निर्माण किया जाएगा, जिस पर बाद में फ्लाईओवर के सुपर स्ट्रक्चर का निर्माण किया जाएगा।
देश का पहला रिंग कॉरिडोर
मजलिस पार्क मौजपुर कॉरिडोर के सूरघाट मेट्रो स्टेशन पर इसका निर्माण किया जा रहा है। 12.098 किमी लंबे इस एलिवेटिड कॉरिडोर पर आठ स्टेशन हैं। पिंक लाइन का यह विस्तार मजलिस पार्कशिव विहार कॉरिडोर का रिंग पूरा करेगा और लगभग 70 किमी लंबा यह कॉरिडोर देश का सबसे पहला रिंग कॉरिडोर होगा।