भारत-जापान के बीच मैत्री रिश्तों में दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) एक अहम कड़ी है। अगले साल 2022 में डीएमआरसी के परिचालन के 20 वर्ष पूरा होने और जापान के साथ द्विपक्षीय सहयोग के 20 वर्ष भी पूरे होंगे। भारत की आजादी के 75 वें वर्ष होने की वजह से यह साल खास होगा। परिवहन क्षेत्र के तेजी से विस्तार के बाद जापान-भारत के रिश्तों को और मजबूती देने के लिए ट्रांजिट ओरिएंटेड डवलेपमेंट(टीओडी)पर भी दोनों देशों के बीच आगे बढ़ाने की कोशिश है।
इसके तहत भारत के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के साथ जापान के इंफ्रास्ट्रक्चर, परिवहन और पर्यटन विभाग की बातचीत चल रही है। दिल्ली मेट्रो के ढांसा बस स्टैंड तक मेट्रो सेवाओं के शुभारंभ के मौके पर भारत में जापान के राजदूत सतोशी सुजुकी ने भारत-जापान की मित्रता के 70 वर्ष पूरे हो जाएंगे। टीओडी के जरिये दोनों देशों के रिश्ते और बेहतर होने के साथ साथ विकास की रफ्तार होगी।
मेट्रो फेज-4 परियोजना के तहत जापान ने 8150 करोड़ रुपये के ऋण को मंजूरी दे दी है। इससे परिवहन क्षेत्र के साथ साथ इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ेंगे। ग्रे लाइन पर मेट्रो सेवाओं के विस्तार पर जापानी राजदूत ने कहा कि फेज-3 का काम पूरा हो चुका है। मेट्रो के विस्तार से सड़क पर वाहनों में कमी आएगी तो कार्बन न्यूट्रल सोसाइटी बनाने में भी मदद मिलेगी। दिसंबर, 2002 में रेड लाइन से मेट्रो सेवाएं शुरू हुई थी।
अंडरग्राउंड पार्किंग सहित स्टेशन पर हैं सभी बुनियादी सुविधाएं: डॉ. मंगू सिंह
डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक डॉ. मंगू सिंह ने कहा कि दूरी के हिसाब से महज 1.2 किलोमीटर है, लेकिन ढांसा बस स्टैंड मेट्रो स्टेशन से सेवाएं शुरू होने से यात्रियों को काफी राहत मिलेगी। यहां मेट्रो की पहली अंडरग्राउंड पार्किंग में 110 कारों और 185 टू व्हीलर के लिए पार्किंग की सुविधा है। यात्रियों की सुविधा के लिए लिफ्ट, एस्कलेटर सहित अन्य सुविधाएं मौजूद हैं।
देश भर के मेट्रो में एनसीएमसी को किया जाएगा लागू
केंद्रीय आवासन एवं शह कार्य मंत्रालय के सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने विस्तार के बाद दिल्ली मेट्रो के 392 किलोमीटर में 286 स्टेशन जुड़ गए हैं। देश भर में कुल 27 शहरों में 1050 किलोमीटर पर काम चल रहा है। एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर फिलहाल नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड(एनसीएमसी)की सुविधा के तहत क्रेडिट और डेबिट कार्ड से सफर कर सकते हैं। देश भर के सभी मेट्रो नेटवर्क में एनसीएमसी लागू किया जाएगा। इसे भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड(बेल)ने तैयार किया है। इस तकनीक को देश के साथ दूसरे देशों में भी भेजा जाएगा।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बढ़ रहे हैं कदम
सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा ने कहा कि पिछले करीब चार वर्षों के दौरान सभी मेट्रो भारत में तैयार की गई। एस्टेम, बॉम्बार्डिययर, टीकागढ़ से इनकी खरीदारी की गई जो आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक अहम कदम है। आने वाले दिनों में मेट्रो कोच भी दूसरे देशों में भेजी जाएंगी।
पिंक लाइन के ड्राइवरलेस होते ही दिल्ली मेट्रो होगी दुनिया में नंबर वन
पिंक लाइन के ड्राइवरलेस होने के बाद दिल्ली मेट्रो दुनिया में बगैर चालक चलने वाली मेट्रो के लिहाज से पहले स्थान पर होगी। इसके अलावा भी इंडीजिनस ऑटोमेटिक ट्रेन सुपरविजन सिस्टम सहित कई और तकनीकी परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इन योजनाओं को अमली जामा पहनाने के बाद देश आत्मनिर्भर भारत की दिशा में और आगे बढ़ेगा।