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दिल्ली: केजरीवाल सरकार ने हाईकोर्ट से कहा- 31 मार्च के बाद जारी रहेगी आबकारी नीति 2021

Tue, 01 Feb 2022 04:17 PM IST
अनुराग सक्सेना पीटीआई, नई दिल्ली

सार

दिल्ली हाई कोर्ट में नई आबकारी नीति के खिलाफ कई याचिकाएं इस आधार पर लंबित हैं कि यह अवैध, अनुचित और मनमानी होने के साथ-साथ दिल्ली आबकारी अधिनियम, 2009 का उल्लंघन करती है।
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दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका - फोटो : ANI-फाइल फोटो
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विस्तार
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दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि उसकी 2021 की आबकारी नीति मार्च 2022 के बाद भी जारी रहेगी और नए वित्त वर्ष के लिए उसमें कोई नया बदलाव नहीं होगा। आबकारी नीति को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई कर रही जस्टिस राजीव शक्धेर और तलवंत सिंह की पीठ के समक्ष दिया गया। मामले को अगली सुनवाई के लिए फरवरी में सूचीबद्ध किया गया है।

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याचिकाकर्ताओं में से एक शराब के एक थोक विक्रेता की तरफ से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता पराग त्रिपाठी ने कहा कि इस मामले में तत्काल फैसला लेने की जरूरत थी क्योंकि 31 मार्च के बाद सब खत्म हो जाएगा और आबकारी नीति समाप्त होने वाली है।

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पिछले साल 16 नवंबर को प्रभाव में आई थी आबकारी नीति

दिल्ली सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल मेहरा ने कोर्ट को बताया कि आबकारी नीति पिछले साल 16 नवंबर को प्रभाव में आई और आबकारी नीति की समाप्ति को लेकर याचिकाकर्ताओं का रुख सही नहीं है। उन्होंने बताया कि इसमें कोई बदलाव नहीं होगा। यह नीति जारी रहेगी। यह बदलाव 30-40 साल बाद आया है। उन्होंने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी नई व्यवस्था के अंतरिम चरण में कार्यान्वयन में कोई हस्तक्षेप नहीं किया।

कोर्ट ने दिल्ली सरकार के बयान को रिकॉर्ड पर रखा और सभी पक्षों को इस मामले में लिखित जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। एक दूसरे याचिकाकर्ता शराब के खुदरा विक्रेता की तरफ से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता त्रिपाठी और जी तुषार राव ने तर्क दिया कि नई नीति  से एकाधिकार को बढ़ावा मिलता है और इससे भेदभाव होता है।

हाई कोर्ट में नई आबकारी नीति के खिलाफ कई याचिकाएं इस आधार पर लंबित हैं कि यह अवैध, अनुचित और मनमानी होने के साथ-साथ दिल्ली आबकारी अधिनियम, 2009 का उल्लंघन करती है।
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