दरअसल, कोरोना काल में मेट्रो में सामाजिक दूरी का पालन करने की अनिवार्यता के बाद भी फिलहाल खड़े होकर सफर करने की इजाजत नहीं है। लेकिन यात्री उसी कोच में सवार होते हैं, प्लेटफार्म पर जो जगह सीढ़ी या एस्कलेट से जुड़ती है। उधर, मेट्रो चंद सेकेंड के लिए ही प्लेटफार्म पर रुकती है। इससे कई बार कोच भरा होने के बाद भी यात्रियों को पास दूसरी जगह जाने का विकल्प नहीं रहता। सामने के कोच में जाना उनकी मजबूरी होती है। जबकि एक-दो खाली कोच के साथ मेट्रो आगे बढ़ती है। इससे निपटने के लिए डीएमआरसी पीआईडीबी सिस्टम लगा रहा है।
डीएमआरसी ने ट्रायल आधार पर मेजेंटा लाइन पर ट्रायल के तौर पर इसकी शुरुआत की है। सफल परीक्षण के बाद नई पीआईडी सिस्टम को पिंक लाइन पर भी लागू कर दिया जाएगा। इससे यात्रियों को उतने ही वक्त में सफर में सहूलियतें काफी बढ़ जाएंगी। उन्हें पहले ही मेट्रो के लिए इंतजार और कोच में यात्रियों की स्थिति की जानकारी मिल सकेगी।
मेट्रो के पहुंचने की शुरू होगी उलटी गिनती
यात्रियों को मेट्रो का इंतजार करने के लिए काउंटडाउन टाइम भी फ्रेम पर डिसप्ले किया जाएगा। मेट्रो के किसी नियत स्टेशन पर पहुंचने का इंतजार कर रहे यात्रियों को दो मिनट पहले जानकारी मिल जाएगी कि मेट्रो कब पहुंचने वाली है। यह 10 सेंकेंड तक प्रदर्शित होगा ताकि यात्रियों को सफर के लिए खुद को तैयार होने का मौका मिल सके। कोच में क्षमता के मुताबिक यात्रियों की संख्या जिस कोच में सबसे कम होगी, उस प्लेटफॉर्म पर यात्रियों के लिए ऐसे कोच में सवार होना बेहतर होगा। दो मिनट का वक्त मिलने से यात्रियों को कोच तक आगे या पीछे आने जाने का मौका भी मिल सकेगा।
भीड़भाड़ होने पर किया जाएगा प्रबंधन
एलईडी डिसप्ले बोर्ड पर कोच संख्या के साथ-साथ यात्रियों की संख्या प्रदर्शित होंगी। सफर में सुविधा के लिए यात्रियों को कम भीड़भाड़ वाले कोच में सवार होने का मौका मिलेगा। अगर किसी कोच में भीड़ अधिक है तो इसकी भी जानकारी मिलने पर कई बार स्टेशन पर मेट्रो को रोककर भीड़ प्रबंधन के तरीके अपनाए जाएंगे। नई प्रणाली के लागू होने से सभी कोच में यात्रियों की प्रतिशतता की बोर्ड पर जानकारी मिलेगी।