अदालत ने जहांगीरपुरी हिंसा मामले में 18 वर्षीय आरोपी को जमानत देते हुए कहा कि वह उम्र के नाजुक पड़ाव पर है और उसके खिलाफ जांच पूरी होने के आधार पर उसे जमानत प्रदान की जाती है। उस पर एक पिस्तौल लेकर हिंसा में सक्रियता से भाग लेने के चलते दंगा, हमला करने समेत विभिन्न अपराध के लिए भारतीय दंड संहिता और शस्त्र अधिनियम के प्रावधान के तहत आरोप लगाए गए हैं। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश स्मिता गर्ग ने कहा कि याचिकाकर्ता का कोई सीसीटीवी फुटेज नहीं मिला और घटना में इस्तेमाल हथियार पहले ही बरामद कर लिया गया है।
अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता को 16 अप्रैल 2022 को चाइल्ड इन कनफ्लिक्ट लॉ (सीसीएल) के तहत पकड़ा था तथा जमानत पर रिहा कर दिया गया था, लेकिन उसे वयस्क पाए जाने के बाद दोबारा गिरफ्तार किया गया। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि मामले की जांच पूरी हो गई है, मुकदमे में वक्त लगेगा। सभी तथ्यों और मामले की परिस्थितियों तथा उसकी नाजुक उम्र पर गौर करते हुए याचिकाकर्ता को 25 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के मुचलके पर जमानत दी जाती है।
हाईकोर्ट ने मशहूर रेस्टोरेंट और बार चेन सोशल के पक्ष में एकपक्षीय अंतरिम निषेधाज्ञा देते हुए झारखंड स्थित रेस्टोरेंट सोशल 75 को पंजीकृत ट्रेडमार्क सोशल का इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी। न्यायमूर्ति ज्योति सिंह ने सोशल 75 को तीसरे पक्ष की वेबसाइटों से सभी संदर्भों को हटाने का भी निर्देश दिया। सोशल के पक्ष में अंतरिम निषेधाज्ञा देने के लिए प्रथम दृष्टया मामला बनाया है, क्योंकि विवादित ट्रेडमार्क सोशल 75 भ्रामक रूप से सोशल के पंजीकृत ट्रेडमार्क के समान है।
इंप्रेसारियो एंटरटेनमेंट एंड हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा झारखंड के जमशेदपुर शहर में स्थित एक रेस्तरां सोशल 75 के खिलाफ मुकदमा दायर किया गया है। विवादित ट्रेडमार्क का उपयोग करने का इरादा यह इंगित करता है।कि सोशल ने जमशेदपुर शहर में अपना 75 वां आउटलेट खोला है।