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दिल्ली सरकार : डेंगू के प्रकोप को रोकने और स्वच्छता की जिम्मेदारी नगर निगम की, लेकिन इस पर हमारी भी नजर

Sat, 23 Oct 2021 07:20 AM IST
Kuldeep Singh अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

सरकार दिल्लीवालों के साथ मिलकर अभियान भी चला रही है। सभी अस्पतालों में मच्छर जनित रोगों को लेकर बिस्तरों की संख्या बढ़ाने का आदेश भी दिया है। दिल्ली सरकार का कहना है कि सरकार 10 हफ्ते, 10 बजे, दस मिनट अभियान चलाकर लोगों को जागरूक कर रही है। दिल्ली के अस्पतालों में अभी डेंगू के 221 मरीज भर्ती हैं, जिनका उपचार चल रहा है।
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डेंगू वार्ड में भर्ती मरीज - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच दिल्ली सरकार ने सलाह दी है कि इससे अभी घबराने की जरूरत नहीं है। दिल्ली के अस्पतालों में अभी डेंगू के 221 मरीज भर्ती हैं, जिनका उपचार चल रहा है। हालांकि, डेंगू को रोकने और स्वच्छता एवं छिड़काव की जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की है। फिर भी, दिल्ली सरकार लगातार डेंगू के मामलों पर निगरानी रख रही है।

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इसके लिए सरकार दिल्लीवालों के साथ मिलकर अभियान भी चला रही है। सभी अस्पतालों में मच्छर जनित रोगों को लेकर बिस्तरों की संख्या बढ़ाने का आदेश भी दिया है। दिल्ली सरकार का कहना है कि सरकार 10 हफ्ते, 10 बजे, दस मिनट अभियान चलाकर लोगों को जागरूक कर रही है। अस्पतालों में भर्ती कुल मरीजों में से 25 फीसदी बाहरी हैं। अस्पतालों में उपचार करा रहे डेंगू मरीजों में 179 दिल्ली निवासी हैं। वहीं 42 बाहरी राज्यों के हैं। सरकार का कहना है कि अभी भी दिल्ली में डेंगू के मरीजों की संख्या निचले स्तर पर है।

अभियान से मिली काफी मदद
सरकार ने बताया कि साल 2019 से सरकार ‘10 हफ्ते, 10 बजे, 10 मिनट’ अभियान चला रही है। इससे डेंगू नियंत्रण में आया है। 2019 के अक्तूबर माह तक ही 1069 मामले मिले थे। वहीं 2020 में इनकी संख्या 612 और इस साल 723 है। साल 2015 में 14,889, 2016 में 3650, 2017 में 3829 और 2018 में 1595 मामले सामने आए थे।
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बुखार का हर चौथा मरीज डेंगू संक्रमित
दिल्ली सरकार का कहना है कि डेंगू को लेकर अभी घबराने की जरूरत नहीं है। दिल्ली में बुखार के जितने भी मरीज अस्पताल आ रहे हैं उनमें से 25 फीसदी डेंगू संक्रमित मिल रहे हैं। यानी बुखार का हर चौथा मरीज डेंगू संक्रमित मिल रहा है। अन्य बुखार के मरीजों को एक-दो दिन में अस्पताल से छुट्टी मिल रही है।

कोरोना आरक्षित बिस्तरों को किया कम, फीवर वार्ड में बढ़े
कोरोना संक्रमण बेहद निचले स्तर पर होने के कारण सरकार ने आरक्षित बिस्तरों को कम किया है और इन्हें फीवर वार्ड में लगाया गया है। निजी अस्पतालों में कोविड मरीजों के लिए आरक्षित 30 फीसदी बिस्तरों को घटाकर अब 10 फीसदी कर दिया है। वहीं दिल्ली सरकार के एलएनजेपी अस्पताल में कोविड बिस्तरों की संख्या 700 से 400 कर दी गई है।
ताहिरपुर स्थित राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भी इन बिस्तरों की संख्या 600 से घटाकर 350 कर दी गई है। इन सभी अतिरिक्त बिस्तरों का इस्तेमाल मच्छर जनित बीमारियों से ग्रस्त रोगियों के लिए किया जाएगा।

दिल्ली के अस्पतालों में दिल्ली के बाहर के मरीजों का भी इलाज चल रहा है। अभी भी डेंगू को लेकर स्थिति नियंत्रण में है और लोगों को घबराना नहीं चाहिए। पिछले साल लोगों के घरों में होने और महामारी की वजह से कम मामले सामने आए थे लेकिन इस साल भी हालात वैसे रहने का अनुमान है। - सत्येंद्र जैन, स्वास्थ्य मंत्री दिल्ली सरकार

बिस्तरों के संकट पर हुई थी बात
इससे पहले अमर उजाला में सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में बिस्तरों का संकट से जुड़ी खबरें प्रकाशित हुई थीं। इसमें पता चला था कि अस्पतालों में न सिर्फ डेंगू, बल्कि कोरोना, पोस्ट कोविड और गैर कोविड मरीजों की संख्या भी काफी अधिक देखने को मिल रही है। वहीं डेंगू का स्ट्रेन-2 भी दिल्ली में मिल चुका है जिसे डॉक्टर भी गंभीर मान रहे हैं।

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