दिल्ली सरकार ने दिल्ली नगर निगम को उसके बकाया का 630 करोड़ रुपया दे दिया है। मंगलवार को पैसा मिलते ही निगम ने अपने सभी कर्मचारियों का एक महीने का वेतन और पेंशन जारी कर दिया है।
कई महीने से वेतन नहीं मिलने से परेशान एमसीडी के कर्मचारियों का चेहरा वेतन मिलते ही खिल उठा है। एमसीडी ने 432.84 करोड़ रुपया कर्मचारियों के वेतन और पेंशन के लिए खर्च किया है। एमसीडी के प्रेस और सूचना विभाग के निदेशक अमित कुमार ने बताया कि एकीकृत निगम में कर्मचारियों को पहला वेतन मिला है। यह निगम के लिए अच्छी शुरुआत है।
उन्होंने कहा कि वित्तीय चुनौतियों के बावजूद एमसीडी कुशल प्रबंधन से कर्मचारियों के वेतन व पेंशन की बकाया राशि शीघ्र जारी करेगा। दिल्ली सरकार से करीब एक हजार करोड़ रुपया मिलना था। उम्मीद है दिल्ली सरकार जल्द ही बाकी पैसा भी एमसीडी को देगी। निगम अपने कर्मचारियों के हितों के लिये प्रयासरत है।
तीन किस्त में सरकार से मिलता है पैसा
पांचवें दिल्ली वित्त आयोग ने यह निर्धारित किया था कि दिल्ली सरकार के कुल बजट का 12.5 फीसदी हिस्सा दिल्ली नगर निगम को जाएगा। यह राशि दिल्ली नगर निगम के अलावा एनडीएमसी और दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड को एक निश्चित अनुपात में बांटा जाएगा। निगमों को दिल्ली सरकार से तीन किस्तों में पैसा मिलने का विधान है। पहली किस्त अप्रैल से जून महीने के लिए होती है।
दूसरी जुलाई से दिसंबर तक (दो तिमाही का हिस्सा एक साथ होता है) और तीसरी किस्त जनवरी से मार्च तक के लिए होती है। इसके अलावा निगम अपने स्तर पर आय जुटाते हैं, जिससे उनका खर्च चलता है, लेकिन इनकी आय का प्रमुख स्रोत दिल्ली सरकार से मिलने वाला पैसा होता है।