2006 में रियल एस्टेट फर्मों में दलाली शुरू की
आरोपी पवन भड़ाना ने पूछताछ में खुलासा किया कि उसने वर्ष 2006 में जेपी व डीएलएफ ग्रुप जैसे हाईप्रोफाइल उद्यमी बनने के लिए और अपने सपनों को पूरा करने के लिए रियल एस्टेट फर्मों में दलाल के रूप में काम करना शुरू किया। इसके बाद इसने आलीशान जिंदगी जीने के लिए उसने विभिन्न फर्मों/कंपनियों मेसर्स संपदा रीयलकॉन प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स ड्रीम लैंड हाई-टेक प्रोजेक्ट्स प्रा लिमिटेड, मेसर्स ड्रीम लैंड म्यूजिक प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स ड्रीम लैंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स ड्रीम लैंड प्रमोटर्स एंड कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड, मैसर्स एसपी प्रॉपवर्क्स प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स एएमबी इंफ्रास्ट कंपनियां दिल्ली-एनसीआर में शुरू कीं।
वह इन कंपनियों का निदेशक था। रियल एस्टेट फर्म ड्रीमलैंड प्रमोटर्स एंड कंसल्टेंट प्रा. लिमिटेड के जरिए क्रॉसिंग रिपब्लिक, एनएच-24 गाजियाबाद में परियोजना लागू करने की बात कहकर लोगों से निवेश करवाना शुरू किया। उसने लोगों से 1.75 करोड़ रुपये से ज्यादा निवेश करवा लिए और उसके बाद कंपनी बंद कर गायब हो गया। इसके बाद दिल्ली के रणहौला, सरिता विहार और नजफगढ़ आदि थानों में इसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गईं। इसके बाद ये फरार हो गया था। पुलिस से बचने के लिए बार-बार छिपने की जगह बदलता रहता था और मोबाइल नंबर बदल लेता था।
बिल्डर जैसे कहता था वैसे ही मैनेजर करता था
पुलिस अधिकारियों के अनुसार बिल्डर पवन भड़ाना अपने सारे गैर-कानूनी काम मैनेजर रवि कुमार शुक्ला से करवाता था। रवि कुमार शुक्ला ने खुलासा किया कि वह ड्रीमलैंड प्रमोटर्स एंड कंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड में नौकरी करता था। वह कंपनी के निदेशकों पवन भड़ाना और संजीव कुमार मावी की मिलीभगत से क्रॉसिंग रिपब्लिक, एनएच -24, गाजियाबाद में स्थित शानदार अपार्टमेंट के नाम पर लोगों से की गई धोखाधड़ी में शामिल था। दिल्ली के अलावा यूपी के विभिन्न थानों में आरोपियों के खिलाफ मामर्ल दर्ज हैं। उसने अपन मोबाइल व पता बदल लिया था। पवन भड़ाना की पांच कंपनियां थीं। उसने लोगों से फ्लेट देने के नाम पर मोटी रकम ठग ली थी।
कोर्ट ने भगोड़ा घोषित किया हुआ था
कोर्ट ने नजफगढ़ में वर्ष 2014 में दर्ज ठगी की एफआईआर में इनको भगोड़ा घोषित किया हुआ था। सरिता विहार के एक मामले में पवन भड़ाना के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हो रखे हैं, जबकि सरिता विहार थाने में दर्ज दूसरी एफआइआर की अभी जांच जारी है। रणहौला, दिल्ली में दर्ज एफआईआर में भी आरोपी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हो रखे हैं।