आरोपी के वकीलों अनुभव त्यागी, कुलदीप जौहरी, करण अहूजा, सागर मेहलावत और हेमंत कुमार ने दलील दी कि आरोपी के खिलाफ मामला ये है कि उसने जानबूझकर एनएसए के आवास के प्रवेश द्वार में अपनी कार से टक्कर मार दी। हालांकि इसमें किसी व्यक्ति को कोई चोट नहीं पहुंची।
आरोपी के वकीलों ने दी दलील
उन्होंने आगे कहा कि कथित दुर्घटना इसलिए घटी क्योंकि कार आरोपी के नियंत्रण से बाहर हो गई थी। उसकी किसी को चोट पहुंचाने या संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की कोई मंशा नहीं थी। आरोपी का कोई आपराधिक उद्देश्य नहीं था। इसके अलावा, वह 16 फरवरी से हिरासत में है और जांच के लिए और समय की जरूरत नहीं है।
दिल्ली पुलिस की तरफ से पेश अतिरिक्त जन अभियोजक रविंद्र कुमार ने कहा कि जांच में आरोपी के खिलाफ कोई पुराना आपराधिक मामला नहीं मिला साथ ही वह विक्षिप्त प्रतीत हो रहा था। हालांकि जांच एजेंसियों द्वारा आगे की जांच के लिए उसे और ज्यादा हिरासत में रखने की जरूरत नहीं है।