पूरी दिल्ली में टावर लगाने की है योजना
वायु प्रदूषण को कम करने के लिए आजमाया जाने वाला यह पहला पायलट प्रोजेक्ट है। दोनों आईआईटी हवा के प्रवाह और पीएम-2.5 कणों में आई कमी के साथ संबंधित क्षेत्र में मौसमी दशाओं व भौगोलिक परिस्थितियों की मॉडलिंग कर रहा है। इससे मिलने वाले नतीजे के आधार पर आगे इस तरह के टावर पूरी दिल्ली में लगाने की सरकार की योजना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 में जितना प्रदूषण होता था, वह काफी घट गया है। पीएम-2.5 ही 2014 में 150 के करीब था और अब घट कर 100 के करीब आ गया है। उसी तरह, पीएम-10 भी 300 के करीब था और अब घट कर 150 के करीब आ गया है। इस तरह, पीएम-10 और पीएम-2.5 पहले से काफी कम हुआ है।
स्मॉग टावर की विशेषताएं
- जमीन से स्मॉग टावर की ऊंचाई 24.2 मीटर।
-स्मॉग टावर का प्लान एरिया 784.5 वर्ग मीटर। इसका प्रभाव करीब एक किमी के दायरे में होगा।
- टॉवर आरसीसी और स्टील संरचना से बना है।
-टावर ऊपर से हवा खींचेगा और रफ़ल्टर्ड हवा छोड़ेगा।
- पंखे के माध्यम से एक हजार घन मीटर प्रति सेकेंड फिल्टर हवा जमीन के पास छोड़ेगा।
- इसमें कुल 40 पंखे लगे हैं। 960 आरपीएम (रोटेशन प्रति मिनट) पंखे की गति।
- 16.1 मीटर प्रति सेकंड फैन की आउटलेट वेलोसिटी
- कुल फिल्टर की संख्या 5000 है।
- ईएसएस की क्षमता 1250 केवीए है।
- 25 घन मीटर प्रति सेकंड वायु प्रवाह दर है।
-कनॉट प्लेस के बाबा खड़गसिंह मार्ग पर लगाया गया है कि टावर।