केजरीवाल सरकार दिल्ली के निर्माण श्रमिकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। केजरीवाल सरकार की ओर से 83,183 निर्माण श्रमिकों के खातों में 5-5 हजार रुपये की अनुदान राशि भेज दी गई है। श्रमिकों के नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी न होने की वजह से सहायता राशि नहीं मिल सकी थी।
पिछले साल नवंबर में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली में निर्माण गतिविधियां बंद कर दी गई थी। इससे निर्माण श्रमिकों की आजीविका के साधन बंद हो गए। ऐसे हालात को देखते हुए दिल्ली सरकार ने श्रमिकों को पांच-पांच हजार रुपए की सहायता राशि देने का एलान करने के बाद इस मद में 250 करोड़ रुपये जारी कर दिए थे।
उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सरकार की ओर से शुरू की गई कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए सभी श्रमिकों को जल्द से जल्द दिल्ली बिल्डिंग एंड कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड से पंजीकरण करवाने की अपील की। सिसोदिया ने कहा कि केजरीवाल सरकार ने नवंबर में प्रदूषण के कारण निर्माण कार्यों के बंद होने पर बोर्ड से पंजीकृत 4.92 लाख श्रमिकों को 245 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की थी।
नवीनीकरण के बाद 83 हजार श्रमिकों को 41.9 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई है। यह राशि श्रमिकों के खाते में दो कार्य दिवस में पहुंच जाएगी। निर्माण बोर्ड में 24 नवंबर, 2021 से पहले पंजीकृत सभी निर्माण श्रमिकों को यह सहायता राशि दी गई है।
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि केजरीवाल सरकार निर्माण श्रमिकों के साथ हर कदम पर खड़ी है। श्रमिक देश के रीढ़ की हड्डी हैं और देश को सुदृढ़ बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। मजदूर खड़े हैं इसलिए हमारी इमारतें और शहर खड़े है। श्रमिकों के सम्मान व हितों का ध्यान रखना सरकार की मुख्य प्राथमिकता है। निर्माण गतिविधियों पर लगी रोक से श्रमिकों की आजीविका प्रभावित हुई थी। दिल्ली सरकार उनकी हर संभव मदद करेगी।
ई डिस्ट्रिक्ट वेबसाइट पर अपना ब्यौरा संशोधित कर ले सकते हैं योजनाओं का लाभ
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में मौजूद 11 लाख निर्माण श्रमिकों में 8.5 लाख श्रमिक बोर्ड के साथ पंजीकृत हैं। उन्होंने अपील की कि जिन श्रमिकों को बैंक खातों में समस्या होने के कारण राशि नहीं मिली है, ई-डिस्ट्रिक्ट वेबसाइट पर अपने बैंक खातों का ब्यौरा संशोधित करवा सकते हैं। जिन्होंने अब तक नवीनीकरण नहीं करवाए हैं, जल्द से जल्द अपनी पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करवाएं।
सरकार द्वारा अगले भुगतान चक्र में उनके खातों में सहायता राशि भेज दी जाएगी। उपमुख्यमंत्री ने श्रमिकों से अपील की कि जल्द से जल्द बोर्ड में खुद को रजिस्टर्ड करवाएं ताकि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का उन्हें लाभ मिल सके। पंजीकरण के बाद सभी निर्माण श्रमिक शिक्षा, स्वास्थ्य लाभ, विवाह, मातृत्व, पेंशन आदि का लाभ भी प्राप्त कर सकते हैं।