सदन के नेता सत्यपाल सिंह और मनोज त्यागी पास-पास में बैठे थे, सत्यपाल महिक अपनी सीट के पास खड़े हुए और अपने सहयोगियों के साथ अरविंद केजरीवाल हाय-हाय के नारे लगाने लगे। इसके बाद आम आदमी पार्टी की महिला पार्षदों ने भाजपा के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। देखते ही देखते पक्ष-विपक्ष की महिला पार्षदों के बीच हाथापाई होने लगी। इसके बाद सत्यपाल मलिक और मनोज त्यागी भी हाथापाई पर उतर आए।
मनोज त्यागी के पीछे से आप पार्टी के बाकी पार्षद भी हाथापाई में शामिल हो गए, भाजपा के पार्षदों ने भी यही किया। पार्षदों ने एक दूसरे की गर्दन और मुंह तक हाथ लगा दिया। महिला पार्षदों ने पीछे से चप्पलें फेंकनी शुरू कर दी। एक दो मिनट तक यह सब चलता रहा। फिर सुरक्षा कर्मियों ने बीच बचाव करते हुए दोनों दलों के पार्षदों को तितर-बितर किया। सुरक्षा कर्मियों ने विपक्ष के नेता मनोज त्यागी को भीड़ से निकालकर सुरक्षित सदन से बाहर निकाला। उनके पीछे आम आदमी पार्टी के अन्य पार्षद भी भाजपा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर चले गए। इस बीच सत्ता पक्ष भाजपा ने सदन में लाए अपने सारे प्रस्ताव पास करा लिए।
सीएम के खिलाफ पास हुआ निंदा प्रस्ताव
पूर्वी निगम के सदन में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास किया। सीएम अरविंद केजरीवाल द्वारा द कश्मीर फाइल्स फिल्म पर दिए गए बयान के खिलाफ सदन के नेता सत्यपाल सिंह निंदा प्रस्ताव लेकर आए थे। इसे हंगामे के बीच में ही सत्ता पक्ष ने पास करा दिया।
पक्ष-विपक्ष ने एक दूसरे पर लगाया आरोप
महापौर श्याम सुंदर अग्रवाल ने आम आदमी पार्टी के पार्षदों पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हमेशा की तरह बुधवार को भी आप पार्टी के पार्षद सदन को नहीं चलने देने का मन बनाकर आए थे। इसीलिए विकास कार्यों पर चर्चा होने से पहले ही वह हंगामे पर उतारू हो गए। जबकि नेता प्रतिपक्ष मनोज त्यागी ने कहा कि सदन में हमें बोलने नहीं दिया जाता है। बुधवार को एक बार फिर से विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास किया गया।