25 देशों के प्रतिनिधियों ने रीढ़ की हड्डी का लाइव ऑपरेशन देखा। मरीज की रीढ़ में थी टीबी की बीमारी थी। मरीज एड्स से भी पीड़ित था। कई संस्थानों के डॉक्टरों की टीम ने सर्जरी को अंजाम दिया।
रीढ़ की हड्डी में टीबी( लुंबोसैक्रल टीबी) की बीमारी से पीड़ित एक मरीज की सफल सर्जरी की गई है। इस सर्जरी को 25 देशों के प्रतिनिधियों ने लाइव देखा। दिल्ली के इस्पाइनल इंजरीज सेंटर और जापानी सोसाइटी ऑफ सर्जरी संस्थान के डॉक्टरों ने यह ऑपरेशन किया है। इस दौरान 131 दुर्लभ प्रक्रियाएं की गई। इससे मरीज को नया जीवन मिला।
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22 वर्षीय समीर (परिवर्तित नाम) पिछले कुछ महीनों से रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्से में संक्रमण से पीड़ित थे। इस वजह से उनमे चलने और बैठने में परेशानी हो रही थी और उनके शरीर में बहुत ज्यादा दर्द हो रहा था। जब वह इंडियन स्पाइनल इंजरीज सेंटर अस्पताल आए तो उनका एमआरआई किया गया, जिसमें टीबी का पता चला।
समस्या की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने तुरंत सर्जरी करने की योजना बनाई और इस पूरी प्रक्रिया को 25 अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों समेत लगभग 200 लोगों ने लाइव देखा। सर्जरी के कुछ घंटों बाद ही मरीज स्वस्थ हो गया वह बिना किसी दर्द के बिना किसी सहारे के बैठने और खड़े होने में सक्षम है।
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आईएसआईसी के चिकिस्ता निदेशक डॉ.एच.एस छाबड़ा ने कहा यह एसोसिएशन ऑफ़ स्पाइन सर्जन ऑफ़ इंडिया संस्था की पहल है। इस लाइव सर्जरी का आयोजन इसलिए किया गया ताकि रीढ़ की समस्याओं के इलाज के लिए चिकित्सा विज्ञान में हुई उन्नति के विषय में जानकारी दी जाए।