दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने एक बार फिर आवासीय योजना लाने का निर्णय लिया है। उसकी इस योजना को डीडीए बोर्ड ने बुधवार को हरी झंडी दे दी है। डीडीए दिसंबर के अंत तक यह योजना लॉन्च करेगा। इस योजना में लगभग 15 हजार फ्लैट शामिल होंगे।
इस योजना के तहत ऐसे फ्लैट ऑफर किए गए हैं जो डीडीए की पिछली आवास योजनाओं में बिक नहीं पाए थे। ये फ्लैट द्वारका, नरेला, रोहिणी, जसोलाआदि स्थानों पर विभिन्न श्रेणी के हैं। उपराज्यपाल अनिल बैजल की अध्यक्षता में वीडियोकॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम सेबुधवार को डीडीए बोर्ड की बैठक हुई। बैठक में डीडीए उपाध्यक्ष मनीष गुप्ता, सदस्य एवं विधायक विजेंद्र गुप्ता, सोमनाथ भारती व ओपी शर्मा, पार्षद आदेश गुप्ता व कैलाशसांकला आदि ने भाग लिया।
इस मौके पर डीडीए की आवासीय योजना को हरी झंडी दी गई। इस योजना के तहत फ्लैटों की पेशकश डीडीए की लागत नीति व पुरानी दरों में छूट दी जा रही है। वहीं नरेला उपनगर में फ्लैटों की पेशकश क्षेत्र के आवंटियों / निवासियों के सुझावों / फीडबैक के आधार पर बुनियादी ढांचे में सुधार, सुरक्षा और संपर्क के बारे में कई निवारक उपाय करने के बाद की जा रही है।
आवंटी बैंक / वित्तीय संस्थान से गृह ऋण लेने की स्थिति में केंद्र सरकार की पीएमएवाई योजना के तहत सब्सिडी के पात्र होंगे। आवेदन से लेकर आवंटन और कब्जे तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन मोड के माध्यम से होगी। दूसरी ओर बैठक में आईएफसीहोलम्बी कलां, नरेला में ट्रांसपोर्ट ट्रेडर्सको भूमि आवंटन के संबंध में भू-उपयोग में परिवर्तन करने का निर्णय लिया।
दरअसल यहां पर मास्टर प्लान-2021 के प्रावधान के अनुसार माल बुकिंगऔर परिवहन एजेंसियों केकार्यालयों की गतिविधि कीअनुमति है, जबकि यहां ट्रांसपोर्ट ट्रेडर्सके गोदामों को स्थानांतरित करना है। इस संबंध प्रस्ताव अबअंतिम अनुमोदन और अधिसूचनाके लिए मंत्रालय को भेजा जाएगा। वहीं इन-सीटूपुनर्वास परियोजना में डीडीए नीतिमें संशोधन करने का निर्णय लिया गया।
डीडीए की आवासीय योजना हो चुकी है विफल
डीडीए की पिछली आवासीय योजनाएं विफल रही थी। लोगों ने बड़ी संख्या में फ्लैट वापस लौटा दिए थे। इसके अलावा फ्लैटों के लिए आवेदन करने में भी अधिक रूचि नहीं ली थी। डीडीए के सिरसपुर, नरेला, द्वारका, जसोला, रोहिणी आदि जगह काफी फ्लैट खाली है। डीडीए वर्ष 2014, 2017, 2019 और 2021 में आवासीय योजना लेकर आ चुका है। इस तरह इस साल दूसरी ओर बोर आवासीय योजना लाने का निर्णय लिया है।