अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला-2021 पूरे दिन दर्शकों से गुलजार रहा, मगर खरीदारों की बेरुखी से कारोबारियों में मायूसी है। गुलाबी मीनाकारी के मशहूर शिल्पकार को जिस कलाकृति के लिए राष्ट्रीय सम्मान मिल चुका है, उनका भी कोई खरीदार नहीं मिला। लकड़ी पर बनी चांदी की चिड़िया और इसे चमकदार बनाने के लिए सोने के बुरादे का भी इस्तेमाल किया गया। स्टॉल पर जानकारियां लेने तो सैकड़ों लोग पहुंचे, मगर खरीदने वाला कोई नहीं दिखा।
बनारस के कलाकार बलराम दास ने बताया कि अब तक व्यापार मेले में उनकी केवल एक कलाकृति बिकी है। गुलाबी मीनाकारी के लिए 2018 में राष्ट्रीय स्तरीय पुरस्कार के लिए उनकी जिस कलाकृति को चयनित किया गया। उसमें मेटेलिक चिड़ियां बनी हुई है, मगर अब तक कोई खरीदार नहीं पहुंचा।
यह भी कहा कि इसकी कीमत दो लाख रुपये है, शायद इसलिए कोई ग्राहक नहीं मिला। इसके अलावा मोर, कछुआ सहित कई आकर्षक कलाकृतियां हैं, जिन्हें कई नेताओं ने सराहा है।
हरदोई के जावेद अली ने बताया कि हैंडलूम उत्पादों की बिक्री न के बराबर हो रही है। तौलिया, मास्क, कुर्ता-पायजामा और हाफ जैकेट सहित कई उत्पाद हैं, जिनकी क्वालिटी अच्छी होने के बाद भी लोगों का रुझान कम है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में सरकार की तरफ से तो लोन दिलवाने में सहायता की गई, मगर व्यापार मेले से उनकी उम्मीदें पूरी नहीं हो सकीं।
भदोही के कालीन विक्रेता ने कहा कि इस बार का मेला ठीक नहीं रहा। इससे पहले मेले में फुर्सत नहीं होती थी, मगर इस बार रोजाना एक-दो कालीन की भी बिक्री नहीं है।
राजस्थान के एक स्टॉल पर मायूस बैठे इमामुद्दीन ने कहा कि नम्दा कपड़े से तैयार जूते, डोर मैट सहित कई घरेलू जरूरतों को पूरा करने वाले उत्पाद हैं। फिर भी खरीदारों की संख्या काफी कम है। डोर मैट 100 रुपये में है तो जूते भी काफी सस्ते हैं। खरीदारों की संख्या काफी कम है।
व्यापार मेले में पहुंचे मेरठ के दुकानदार शोएब ने कहा कि दो साल बाद लगे इस मेले में बिक्री की काफी उम्मीदें थीं। मौसम की जरूरत होने के कारण कॉट्स वूल की शर्ट, हाफ जैकेट खरीदने के लिए भी कुछ लोग पहुंच रहे हैं।
सर्कस के आखिरी शो ने बटोरी वाहवाही
हुनर हाट में लगे सर्कस के आखिरी शो ने दर्शकों का दिल जीत लिया। रैम्बो इंटरनेशनल सर्कस के 27 कलाकारों ने हुनर हाट के मंच पर ऐसे करतब दिखाए कि दर्शक दंग रह गए। कलाकारों ने यूनीसाइकिल, जिराफ साइकिल, स्किप, बॉल बैलेंस, मल्टी कैंडल स्टैंड बैलेंस, जर्मन व्हील, मिरर मैन, रोला-बोला आदि करतब दिखा कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। सर्कस के मालिक और कोच सुजीत दिलीप ने मीडिया को बताया कि हमारे ग्रुप में पूर्वोत्तर के अलावा दूसरे राज्यों के 27 कलाकार हैं। कोविड और लॉकडाउन की वजह से करीब दो साल बाद कलाकारों को अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने का मौका मिला।