दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (डीसीपीसीआर) ने दो नाबालिग लड़कियां सहित चार बच्चों को दक्षिण दिल्ली से रेस्क्यू किया। इस दौरान उन्हें शारीरिक हिंसा सहित खतरनाक स्थितियों का सामना करना पड़ा। डीसीपीसीआर ने गुरुवार को अपने एक बयान में कहा कि बच्चे बिना मास्क के भीख मांगते पाए गए थे।
डीसीपीसीआर ने कहा कि इन बच्चों को शारीरिक हिंसा और यौन शोषण सहित संभावित खतरनाक स्थितियों से अवगत कराया गया था। परिस्थितियां विशेष रूप से कोरोना महामारी के इस समय के दौरान उनके जीवन के लिए एक गंभीर खतरा पैदा कर रही थीं।
वहीं, दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र और दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है। याचिका में बच्चों द्वारा भीख मांगने पर रोक लगाने की मांग की गई है।
मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति अमित बंसल की पीठ ने अजय गौतम की एक जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया है। साथ ही दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (डीसीपीसीआर) और दिल्ली पुलिस से भी जवाब मांगा है।
अपनी याचिका में अजय गौतम ने अधिकारियों को भीख मांगने वाले बच्चों का पुनर्वास करने के निर्देश देने की मांग की है। साथ ही बच्चों, किशोरियों और छोटे बच्चों को भीख मांगने पर मजबूर करने वाली महिलाओं को पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की है।