पूछताछ में पता चला कि वर्ष 2016 में सिमरन के पति का देहांत हो गया। जबकि विजय ने वर्ष 2011 में अपनी पत्नी को छोड दिया था। दोनों वर्ष 2019 के बाद साथ रहने लगे। लॉकडाउन के दौरान विजय शराब का आदी हो गया और कुछ दिन बाद घर छोड़कर भाग गया। वह रास्ते में भीख मांगने लगा। इसी दौरान उसकी मुलाकात बंडलबाज देविंद्र और धानी से मुलाकात हुई, जो बंडल दिखाकर ठगी करने में माहिर था। विजय और सिमरन भी उनसे यह कला सीखकर ठगी को अंजाम देने लगे। पुलिस दो अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।