दिल्ली क्राइम: गिरफ्त में आरोपी...
- फोटो : अमर उजाला
बिटकॉइन के नाम पर निवेश का झांसा देकर ठगी करने वाले गैंग के एक बदमाश को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान बेगमपुर निवासी ललित वर्मा के रूप में हुई है। आरोप है कि ललित ने अपने गैंग के साथ मिलकर दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, महाराष्ट्र, राजस्थान समेत अन्य राज्यों में करोड़ों की ठगी की। फिलहाल ललित व इसके गैंग पर 3.50 करोड़ रुपये ठगी का आरोप है। गुजरात के पालपुर में ललित के खिलाफ अदालत ने गैर जमानत वारंट जारी किया हुआ है। अपराध शाखा पुलिस ललित वर्मा के बाकी साथियों की पहचान कर उनकी तलाश कर रही है।
अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त आलोक कुमार ने बताया कि टीम को ठगी के आरोपी ललित वर्मा के दिल्ली में छिपे होने की सूचना मिली थी। छानबीन के बाद पुलिस ने ललित को भलस्वा डेयरी इलाके की जैन कॉलोनी से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की पूछताछ में ललित ने बताया कि उसने बिटकॉइन के नाम पर निवेश का झांसा देकर ठगी को अंजाम दिया।
10वीं पास ललित ने वर्ष 2008 में मजलिस पार्क इलाके में प्रॉपर्टी डीलर का दफ्तर खोला था। इस दौरान उसकी मुलाकात मो. आसिफ नामक शख्स से हुई। बाद में ललित ने देवेंद्र गुलिया के साथ मिलकर 2015 में झज्जर में कंपनी खोली। वहां से इन लोगों ने करीब 1.50 करोड़ की ठगी की और रफूचक्कर हो गए। इनके खिलाफ हरियाणा के जींद में मामला दर्ज हुआ।
इस बीच वर्ष 2017 में ललित की मुलाकात मिर्जा अबरार बैग और उसके रिश्तेदार अक्कू अबरार बैग से हुई। इन लोगों ने मिलकर रोहिणी में कंपनी खोली। कंपनी ने गुजरात के पालनपुर में मार्केटिंग का काम शुरू किया। वहां इनके साथ जितेंद्र पटेल भी रहा। इन लोगों ने बिटकॉइन के नाम पर लोगों को निवेश का झांसा दिया। बदले में कैश और सोने देने का वादा किया गया। वहां से करीब दो करोड़ की ठगी कर आरोपी फरार हो गए।
आरोपियों ने जयपुर के कारोबारी केके शर्मा से 17 लाख की ठगी की। 2018 में ललित दुष्कर्म के मामले में आदर्श नगर, दिल्ली में गिरफ्तार भी हुआ था। जेल से आने के बाद उसने भाइयों से अपना हिस्सा मांगा तो दोनों मुकर गए। खुद ललित को उसके गैंग के लोगों ने ठग लिया। अब पुलिस गैंग के बाकी आरोपियों की तलाश कर रही है।