एक ओर राजधानी में कोरोना संक्रमण दर एक फीसदी से भी काफी नीचे दर्ज की जा रही है। वहीं दूसरी ओर विशेषज्ञ इसके पीछे दिल्लीवासियों में हर्ड इम्यूनिटी का विकसित होना बड़ा कारण मान रहे हैं लेकिन डेल्टा वैरिएंट के चलते स्थिति को अभी भी गंभीर मानते हुए टीकाकरण बढ़ाने की सलाह दी जा रही है।
जबकि राजधानी में बीते तीन दिन से लगातार टीकाकरण कम होता जा रहा है। अगर रविवार की बात करें तो सरकारी केंद्रों पर अवकाश के चलते वैक्सीन नहीं लगा सका लेकिन प्राइवेट अस्पतालों में केवल ढ़ाई हजार लोग ही वैक्सीन ले सके।
पिछले तीन दिन की स्थिति देखें तो 19 अगस्त को 1.44 लाख से अधिक लोगों ने वैक्सीन लिया था जोकि 20 अगस्त तक घटकर 1.17 लाख रह गया। इसके बाद 21 अगस्त को टीकाकरण में गिरावट जारी रही और कुल 92 हजार लोग ही वैक्सीन लगवा सके। यह स्थिति वीकेंड पर है जिसे लेकर सबसे अधिक टीकाकरण होने की उम्मीद लगाई जाती है।
कोविन वेबसाइट के अनुसार दिल्ली में अब तक 1.23 करोड़ से अधिक टीकाकरण हो चुका है लेकिन इनमें से 34.88 लाख लोग ही दोनों खुराक लेकर टीकाकरण पूरा कर पाए हैं। अभी भी 88.40 लाख से अधिक लोगों को दूसरी खुराक मिलना बाकी है।