रक्षाबंधन पर वैसे तो भाई अपनी बहनों को तोहफा देते हैं लेकिन चिकित्सा जगत से जुड़े एक अनोखे मामले में दो बहनों ने अपने लिवर का आधा-आधा हिस्सा देकर अपने 14 साल के भाई को जीवनदान
का अनमोल तोहफा दिया है। यह दुर्लभ सर्जरी 12 अगस्त को मेदांता अस्पताल के डॉक्टरों ने की है।
इसमें दो लोगों के लिवर का आधा-आधा हिस्सा लेकर एक तीसरे शख्स की जान बचाई गई है। देश में पहली बार किसी अस्पताल में इस तरह की सर्जरी की गई है। इस सफल ऑपरेशन के बाद तीनों ही स्वस्थ हैं। उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के मूल निवासी 14 वर्षीय अक्षत को पीलिया हो गया था। इसके चलते उनका लिवर तेजी से डैमेज होने लगा। लिवर में पानी भरने के कारण अक्षत का वजन भी काफी बढ़ गया। बीमारी से पहले वजन 74 किलोग्राम था लेकिन लिवर में पानी भरने के बाद वजन बढ़कर 85 किलोग्राम हो गया। स्थिति बिगड़ने पर लड़के को परिजन मेदांता अस्पताल लेकर आए, जहां डॉक्टरों ने उनकी डुअल लोब लिवर ट्रांसप्लांट सर्जरी करने का निर्णय लिया। सर्जरी में दो अन्य लोगों के लिवर का आधा-आधा हिस्सा लेकर मरीज में ट्रांसप्लांट किया जाना था।
15 घंटे चली सर्जरी
12 अगस्त को मेदांता अस्पताल के लिवर ट्रांसप्लांट विभाग के चेयरमैन डॉ. अरविंद सिंह, डॉ. नीलम मोहन ने अपनी टीम के साथ यह सर्जरी की, जो करीब 15 घंटे तक चली। इसमें अक्षत की दो बड़ी बहनों प्रेरणा (22) व नेहा (29) ने अपने भाई की जान बचाने के लिए अपने लिवर का आधा-आधा हिस्सा दिया। डॉ. अरविंद सिंह ने अपनी टीम के साथ करीब सप्ताह भर तक तीनों के स्वास्थ्य पर बारीकी से नजर रखी। स्थिति यह है कि अब दोनों बहनों व भाई समेत तीनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।
दिल्ली पुलिस आयुक्त ने डीएसजीएमसी चुनाव व रक्षाबंधन पर्व को लेकर सुरक्षा के कड़े कदम उठाने के आदेश दिए है। पुलिस आयुक्त ने ये आदेश शनिवार को हुई समीक्षा बैठक में दिए। पुलिस आयुक्त ने पुलिस की तैयारियों, कानून व्यवस्था और कोविड दिशानिर्देशों के कार्यान्वयन को लेकर मातहत अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में सभी जिलों के उपायुक्त, अतिरिक्त उपायुक्त और संयुक्त पुलिस आयुक्त वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक में शामिल हुए। साथ ही विशेष पुलिस आयुक्त स्तरी के पुलिस अधिकारी विमर्श कॉन्फ्रेंस हॉल में पुलिस आयुक्त के साथ मौजूद थे।
दिल्ली पुलिस प्रवक्ता कार्यालय के अनुसार 22 अगस्त यानि रविवार को डीएसजीएससी के चुनाव होने है। साथ ही रक्षाबंधन व जन्माष्टमी के त्यौहारों के मद्देनजर आतंकवाद विरोधी उपाय कदम उठाने पर चर्चा की गई। पुलिस आयुक्त ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सख्त उठाने के आदेश दिए। बैठक में अपहरण और पॉक्सो मामलों की समयबद्ध और वैज्ञानिक जांच के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने सभी जिला उपायुक्त को बदमाशों पर पर निगरानी रखने, समय-समय पर इसकी समीक्षा करने और संगठित अपराध पर पूरी तरह से रोक लगाने का निर्देश दिया। फरार अपराधियों को पकडने के लिए अभियान चलाने पर जोर दिया गया।
पुलिस आयुक्त ने ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को ट्रैफिक के सुचारू संचालन के लिए कहा। राकेश अस्थाना जिला डीसीपी को कहा कि चेकिंग के लिए सड़कों पर पिकेट लगाते हुए ट्रैफिक और पीसीआर के साथ समन्वय करें, ताकि यातायात का प्रवाह सुचारू रहे और जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो।