दक्षिण पूर्व जिले के एक अधिकारी के मुताबिक, विभाग प्रतिदिन औसतन लगभग 100 चालान कर रहा है। साथ ही उन क्षेत्रों में ध्यान दिया जा रहा है, जहां बाजार, मंडियों आदि जैसे बड़े पैमाने पर भीड़ होती है। इस अभ्यास में आठ टीमें शामिल हैं। सप्ताहांत में लोगों की संख्या अधिक हो सकती है, क्योंकि अधिक लोग बाहर निकल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पहले की तुलना में अब चालान की संख्या कम है। क्योंकि, अब जनता को शिक्षित करने पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारी ने कहा कि निजी चार पहिया वाहन में एक साथ यात्रा करने वाले नियमों के दायरे से बाहर हैं। यह भी चालानों की कम संख्या का एक कारण हो सकता है।
एक अन्य अधिकारी ने कहा कि सरकारी कार्यालय पूरी क्षमता से चल रहे हैं और उनके स्टाफ को कोविड ड्यूटी से हटा दिया गया है, ऐसे में जुर्माना जारी करने वाले कर्मचारियों की कमी है। बता दें कि दिल्ली सरकार ने बीते दो अप्रैल को मास्क की अनिवार्यता व जुर्माने की राशि को हटा दिया था।