राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में दिवाली के दिन पटाखे फोड़ने पर पूरी तरह से प्रतिबंध जारी रहेगा। दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि प्रदूषण को देखते हुए पटाखे फोड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने कहा कि पटाखे जलाने से राजधानी की आवोहवा विगड़ सकती है। इसलिए इस पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
वहीं, दूसरी तरफ हाईकोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में पटाखे बेचने के अपने लाइसेंस रद्द करने को चुनौती देने वाली 50 से अधिक पटाखा व्यापारियों की याचिका को खारिज कर दिया। न्यायमूर्ति संजीव सचदेव ने अपने फैसले में कहा कि उच्चतम न्यायालय और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा पारित आदेश याचिकाकर्ताओं के आड़े आ रहे हैं। अदालत ने कहा कि हो सकता है कि याचिकाकर्ताओं ने गलत फोरम में चुना हो। जुलाई में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में जहां हवा की गुणवत्ता खराब है, वहां पटाखों की बिक्री पर एनजीटी के प्रतिबंध को बरकरार रखा था।
कोरोना व वायू प्रदूषण में बढ़ोतरी शुरू
अदालत ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ताओं को इस मामले में स्पष्टीकरण के लिए सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखना चाहिए। अदालत के रूख को देखते हुए याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश अधिवक्ता रोहिणी मूसा ने याचिकाओं को वापस लेने की अनुमति मांगी। अदालत ने याचिका वापस ली हुई मानते हुए उसे खारिज कर दिया। अदालत ने याची से कहा क्या आपने कल एम्स के निदेशक का साक्षात्कार देखा है? उनका कहना है कि शायद अब कोरोना व वायू प्रदूषण में बढ़ोतरी शुरू हो गई है और हमें 36 दिनों के अंतराल के बाद बहुत सावधान रहना होगा, मामले बढ़ गए।
कहीं भी बेचने के आदेश का उल्लंघन करने का कोई सवाल ही नहीं
अदालत ने यह भी कहा कि यह प्रथम दृष्टया विचार है कि सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी द्वारा पारित आदेश याचिकाकर्ताओं के रास्ते में आ रहे है। दिल्ली के बाहर पटाखों की बिक्री के वैकल्पिक सवाल पर केंद्र की ओर से पेश एडवोकेट कीर्तिमान सिंह ने आशंका जताई कि इस तरह के आदेश का दुरुपयोग व्यापारियों द्वारा देश में कहीं भी पटाखे बेचने के लिए किया जा सकता है। अदालत ने कहा उन्हें कहीं भी बेचने के आदेश का उल्लंघन करने का कोई सवाल ही नहीं है जो प्रतिबंधित है। अदालत ने कहा दिल्ली से बाहर ले जाने की आपकी अनुमति का मतलब उन्हें ऐसे क्षेत्र में बेचना नहीं होगा जहां इस पर प्रतिबंध है।