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गुरुद्वारा कमेटी के नामित सदस्यों के चुनाव परिणाम घोषित होने का रास्ता साफ

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नई दिल्ली। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) के नामित सदस्यों के चुनाव परिणाम घोषित होने का रास्ता साफ हो गया है। मामले में याची एवं कमेटी सदस्य भूपेंद्र सिंह भुल्लर ने हाईकोर्ट को बताया कि उनके वोट को नहीं गिना जाए और चुनाव परिणाम घोषित कर दिया जाए। अदालत ने चुनाव अधिकारी को निर्देश दिया कि वह याचिकाकर्ता भुल्लर के वोट को नजरअंदाज करते हुए दो दिनों के भीतर परिणाम जारी कर दें।
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न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा के समक्ष पेश गुरुद्वारा चुनाव के निदेशक ने बताया कि 9 सितंबर को हुए नामित सदस्यों के चुनाव का रिकार्ड सील बंद लिफाफे में है। नामित सदस्यों के लिए 16 मतों की जरूरत है। एक प्रत्याशी ने 18 मत हासिल किए हैं। वहीं भुल्लर की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश मल्होत्रा कोर्ट को बताया कि सीलबंद लिफाफे में पेश किए गए उनके मुवक्किल का वोट न गिना जाए। उन्होंने मत को वापस लेने की अनुमति मांगी।
याचिका के अनुसार शिअद बादल की तरफ से प्रीत विहार से चुनाव लड़ने वाले भुल्लर ने जागो के उम्मीदवार मंगल सिंह को छह वोटों से हराकर डीएसजीएमसी के चुनाव में जीत हासिल की थी। मतगणना को चुनौती देते हुए मंगल सिंह ने कड़कड़डूमा कोर्ट में याचिका दायर की है। इस पर कोर्ट ने भुल्लर पर नामित सदस्यों के चुनाव में मतदान करने पर रोक लगा दी थी।
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निचली अदालत के फैसले को भुल्लर ने हाईकोर्ट में चुनौती दे दी थी। उनकी याचिका पर अदालत ने गुरुद्वारा निदेशक को चुनाव परिणाम जारी करने पर रोक लगी थी।
बृहस्पतिवार को भुल्लर का वोट सीलबंद लिफाफे में हाईकोर्ट के समक्ष पेश किया गया था। नौ सितंबर को हुए नामित सदस्यों के चुनाव में शिरोमणि अकाली दल दिल्ली (सरना) के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना को 18 वोट मिले हैं। वहीं, शिरोमणि अकाली दल बादल के विक्रम सिंह रोहिणी को 15 व जसविंदर सिंह जौली को 12 मत मिले हैं।
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