क्या समलैंगिक जोड़ों के बीच विवाह की अनुमति है?
उन्होंने कहा नवतेज सिंह जौहर बनाम भारत सरकार के मामले के बारे में याचिकाकर्ताओं की गलत धारणा है, जिसने निजी तौर पर वयस्कों के बीच समलैंगिक यौन कृत्यों को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया है। उन्होंने कहा कि यहां मुद्दा यह है कि क्या समलैंगिक जोड़ों के बीच विवाह की अनुमति है। अदालत को यह तय करना है। इससे पहले केंद्र ने दायर याचिकाओं का विरोध करते हुए हलफनामा दाखिल किया था।
अस्पताल जाने के लिए विवाह प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं
हलफनामे में कहा गया है कि एक ही लिंग के दो व्यक्तियों के बीच विवाह की संस्था की स्वीकृति को न तो मान्यता प्राप्त है और न ही किसी भी असंहिताबद्ध व्यक्तिगत कानूनों या किसी संहिताबद्ध वैधानिक कानूनों में स्वीकार किया गया है। केंद्र ने इन याचिकाओं पर तत्काल सुनवाई करने का विरोध करते हुए कहा कि आपको अस्पतालों में जाने के लिए विवाह प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं है।