एसोसिएशन ऑफ प्रैक्टिसिंग पैथोलॉजिस्ट ने इन समूहों पर गुमराह करने वाले विज्ञापन, अतार्किक डिस्काउंट व अकारण मैसेज भेजने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
हाईकोर्ट ने दिल्ली में स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले समूहों पर कार्रवाई को लेकर केंद्र और दिल्ली सरकार का पक्ष पूछा है। एसोसिएशन ऑफ प्रैक्टिसिंग पैथोलॉजिस्ट ने इन समूहों पर गुमराह करने वाले विज्ञापन, अतार्किक डिस्काउंट व अकारण मैसेज भेजने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन
जस्टिस प्रतिभा एम सिंह ने मंगलवार को नोटिस जारी करने के साथ ऑनलाइन स्वास्थ्य प्लेटफॉर्म हेल्दियन, टाटा 1एमजी और प्रैक्टो को पक्षकार बनाया है। इन पक्षकारों के अलावा जीएसटी काउंसिल और राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग (एनएमसी) को छह सप्ताह में जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।
एसोसिएशन के वकील नीरज ग्रोवर ने कहा, इन समूहों को अपनी सेवाओं का विज्ञापन करने की अनुमति दी गई है। इसके कारण एसोसिएशन के सदस्यों के व्यावसायिक हितों को नुकसान पहुंच रहा है। ये पेड विज्ञापन में लिप्त हैं। ये पूरे-पूरे पन्नों का विज्ञापन देते हैं। सिर्फ विज्ञापन नहीं, ये 90 फीसदी तक डिस्काउंट का प्रस्ताव देते हैं। एजेंसी
विज्ञापन
नियमों का उल्लंघन कर कॉल कर रहे
ग्रोवर ने कहा, इन समूहों की ओर से कॉरपोरेट संस्थाओं और ऑनलाइन-ऑफलाइन स्वास्थ्य सेवा समूहों के जरिये स्वास्थ्य जांच करवाने के लिए अवांछित फोन कॉल करते हैं। यह तयशुदा नियमों और कानूनों का खुला उल्लंघन है।