नई दिल्ली। कोविड नियमों के उल्लंघन और बिना इजाजत कैंडल मार्च निकालने के मामले में जामिया नगर थाना पुलिस ने पूर्व कांग्रेसी विधायक आसिफ मोहम्मद खान व जाकिर नगर से मौजूदा निगम पार्षद शुएब दानिश समेत कई के खिलाफ केस दर्ज किया है। दरअसल 25 फरवरी को बटला हाउस इलाके के जोगा बाई एक्सटेंशन में कुछ लोगों ने पीट-पीटकर मो. तालिब नामक युवक की हत्या कर दी थी। हत्या के विरोध में 3 मार्च को बटला हाउस इलाके में कांग्रेसी नेताओं के नेतृत्व में कैंडल मार्च निकाला गया। मार्च में महामारी अधिनियमों और सरकारी आदेश का जमकर उल्लंघन हुआ। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने करीब 11 व अन्य लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। मार्च की वीडियो फुटेज व सीसीटीवी फुटेज से जांच की जा रही है।
जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि थाने में तैनात एएसआई सुदेश कुमार की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया। सुदेश ने बताया कि उनको सूचना मिली थी कि तालिब हत्याकांड में कांग्रेस नेता परवेज आलम 3 मार्च को कैंडल मार्च का आयोजन करने जा रहा है। मार्च कादरी मस्जिद से जोगा बाई, नफीस रोड, मुरादी रोड होते हुए बटला हाउस तक जाना था।
कैंडल मार्च की खबर मिलने के बाद इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। बाद में परवेज आलम समेत बाकी लोगों को मार्च न निकालने की गुजारिश की गई। इनको मार्च की अनुमति न होने और कोविड नियमों का हवाला भी दिया गया लेकिन उसके बावजूद शाम करीब छह बजे तालिब के घर के पास लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। इसमें पूर्व कांग्रेसी विधायक आसिफ मोहम्मद खान, जाकिर नगर से कांग्रेसी निगम पार्षद शुएब दानिश, कांग्रेस नेता परवेज आलम, आरिफा खानम, आरिफ सैफी, अफजाल खान, फैजान सरकार, फैज इलाही, नसीम, रिजवान खलीफा, वसर काला व अन्य लोग शामिल थे। इन सभी ने पुलिस के बार-बार गुजारिश करने के बाद भी कैंडल मार्च निकाला। इसमें न तो सामाजिक दूरी का ख्याल रखा गया और न ही बाकी कोविड नियमों का पालन किया गया।